– सरकार और प्रशासन ने सिंहस्थ को लेकर की वृहद तैयारी, सीएम ने रेल मंत्री से की चर्चा
उज्जैन/डिजिटल डेस्क न्यूज़।
उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ के दौरान पर्याप्त ट्रेन देश के चारों कोनों से यात्रियों को उपलब्ध कराने रेलवे ने तैयारी कर ली है। 2016 में रेलवे ने 1200 अतिरिक्त ट्रेन चलाई थी, इस बार यह संख्या 2000 होगी। उज्जैन सिंहस्थ के दौरान प्रयागराज जैसी स्थिति न बने, इसके लिए भी आसपास के छह स्टेशनों को अगले 3 साल में विकसित करने की योजना पर रेलवे ने चुनौती के रूप में लेते हुए काम शुरू कर दिया है। रेलवे इसके लिए कितना गंभीर है, इसको इसी से समझा जा सकता है कि पहली बार रेलवे ने तीन साल पहले से इसकी तैयारी शुरू करते हुए मेला अधिकारी को नियुक्त कर दिया। इसमें किए जाने वाले कार्य की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को ही रेल मंत्री अश्विनी कुमार को वर्चुअल तरीके से जुड़कर दी है।
मेला अधिकारी ने आते ही सेटेलाइट स्टेशन का किया दौरा
रेलवे के मेला अधिकारी पूंजीलाल मीणा ने आते ही सेटेलाइट स्टेशन का दौरा शुक्रवार को किया व कई तरह के सुधार को समय-सीमा में करने को कहा। रेलवे नईखेड़ी, मोहनपुरा, चिंतामण गणेश, विक्रम नगर, पवासा, पिंगलेश्वर रेलवे स्टेशन अपग्रेड सिंहस्थ योजना में करेगा। रेलवे के अनुसार अगले सिंहस्थ के पूर्व रतलाम मंडल के अंतर्गत जिस तेजी से रेलवे के निर्माण कार्य हो रहे हैं, उनसे पश्चिम मध्य प्रदेश के रेलवे नेटवर्क की तस्वीर और तकदीर बदल जाएगी।रेलवे के अनुसार उज्जैन सिंहस्थ में मेले के अवसर पर करीब एक करोड़ यात्री देशभर से उज्जैन आएंगे। इनके लिए देश के चारों कोनों से रेलवे करीब दो हजार ट्रेन चलाएगा। पिछली बार उज्जैन सिंहस्थ के दौरान 20 लाख यत्रियों ने 1200 ट्रेनों में सफर किया था, जबकि अन्य साधनों से कुल 5 करोड़ यात्री आए थे। हालांकि इस बार 5 गुना ज्यादा यात्री आने का अनुमान रेलवे को है। इन यात्रियों के लिए सेटेलाइट स्टेशन भी विकसित रेलवे कर रही है।




















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