इन दिनों बिहार खेल विभाग का 5 सदस्यीय दल मंत्री श्रेयसी सिंह के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के दौरे पर
मध्यप्रदेश ने खेल विकास के क्षेत्र में एक प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया है।
डिजिटल डेस्क न्यूज़। मध्य प्रदेश की खेल प्रोत्साहन गतिविधियों के अध्ययन के लिए इन दिनों बिहार खेल विभाग का 5 सदस्यीय दल मंत्री श्रेयसी सिंह के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के दौरे पर है। गुरुवार को विभागीय अधिकारियों के साथ खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने मुख्यमंत्री निवास में सीएम डॉ. मोहन यादव और प्रदेश के खेल मंत्री विश्वास सारंग से मुलाकात की। इस मौके पर बिहार के खेल महानिदेशक रविंद्रन शंकरन भी मौजूद रहे। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्रम के साथ स्मृति चिन्ह के रूप में धातु शिल्प के श्रीराम दरबार भेंट कर बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह का अभिवादन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सिंह ने बोधि वृक्ष की प्रतिकृति तथा अंगवस्त्रम भेंट किया। इस अवसर पर प्रदेश के खेल संचालक राकेश गुप्ता उपस्थित थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भेंट के दौरान मध्यप्रदेश में खेलों के प्रोत्साहन के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी दी।
खेल मंत्री विश्वास सारंग ने बताई उपलब्धियां
प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग से गुरुवार को बिहार सरकार में खेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह ने सौजन्य भेंट की। भेंट के दौरान सिंह ने मध्यप्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा प्रदेश में विकसित की गई विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने खेल विकास के क्षेत्र में एक प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया है। मंत्री सारंग ने इस अवसर पर प्रदेश की खेल उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश आज देश के अग्रणी खेल राज्यों में शामिल है और राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रदर्शन के आधार पर देश में तृतीय स्थान पर है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा खेल, खिलाड़ियों और खेल मैदानों के समग्र विकास के लिए निरंतर एवं योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे प्रतिभाओं को बेहतर अवसर और सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
खिलाड़ियों के नॉलेज एक्सचेंज कार्यक्रम का प्रस्ताव
इस अवसर पर बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने मंत्री सारंग से आग्रह किया कि मध्य प्रदेश एवं बिहार के बीच खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए एक नॉलेज एक्सचेंज प्रोग्राम प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से दोनों राज्यों के खिलाड़ियों को एक-दूसरे की खेल अधोसंरचना, आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों एवं खेल सुविधाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा, जिससे खिलाड़ियों के कौशल विकास और प्रदर्शन में गुणात्मक सुधार संभव हो सकेगा।




















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