कोटा, देहरादून और पुणे के बाद अब इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उमड़ी भीड़
31 शर्तों के साथ अनुमति पाए इस कार्यक्रम के लिए करीब 2 लाख रजिस्ट्रेशन हुए
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डिजिटल डेस्क न्यूज़/इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर के IDA मैदान में ‘छात्रों की गूंज’ के 5वें एडिशन में राहुल गांधी ने 20-25 हजार छात्रों से ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ पर सीधा संवाद किया। करीब एक घंटे की बातचीत में राहुल ने कहा कि सवाल पूछने की आदत दबाने के लिए सिस्टम अंधभक्त तैयार कर रहा है। जब उन्होंने छात्रों के टूटे भरोसे की बात की, तो युवाओं ने कहा— ‘सर, हम सिस्टम से हार चुके हैं।’ 31 शर्तों के साथ अनुमति पाए इस कार्यक्रम के लिए करीब 2 लाख रजिस्ट्रेशन हुए थे।
इंदौर में राहुल गांधी ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि आपने मेरा जिस तरह स्वागत किया, उसके लिए धन्यवाद। मैं यहां आकर बहुत खुश हूं। कोटा, देहरादून और पुणे के बाद अब इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ देखकर अभिभूत हुए राहुल ने कहा कि इंदौर में हमने तय किया है कि आज का विषय ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ होगा।

राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षाओं के दौरान कुछ अभ्यर्थियों से भी गलतियां हुई हैं, लेकिन कहीं न कहीं उनका सिस्टम से भरोसा उठ गया। इस पर छात्रों की ओर से आवाज आई, सर! हम सिस्टम से ही हार गए। उधर राहुल ने अंधभक्त का मतलब भी बताते हुए कहा कि अंधभक्त एंटी स्टूडेंट होते हैं। जहां स्टूडेंट मोहब्बत की बात करता है, वहां अंधभक्त नफरत फैलाता है और नफरत से बात करते हैं। जहां स्टूडेंट ईमानदार होता है, वहां अंधभक्त ईमानदार नहीं होता है।
स्टूडेंट्स देश की नींव हैं। शिक्षा कोई लग्ज़री नहीं है, यह स्टूडेंट्स के लिए सही है। और, एक असरदार एजुकेशन सिस्टम पक्का करना केंद्र और राज्य सरकारों की ज़िम्मेदारी है।
राहुल गांधी बोले स्टूडेंट देश का फाउंडेशन होता है। देश को बनाता है। शिक्षा कोई लग्जरी नहीं है, हर स्टूडेंट का हक है। किंडर से मिड डे मील, स्कूल, कॉलेज और रोजगार…. ये आपका काम नहीं। ये काम हिंदुस्तान की जिम्मेदारी। सरकार को सिस्टम चलाना चाहिए, लेकिन देश में उलटा हो रहा है।
राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद के दौरान स्टूडेंट और ‘अंधभक्त’ के बीच अंतर बताते हुए चार बातें गिनाईं। उन्होंने कहा कि जहां स्टूडेंट सवाल पूछता है, वहीं ‘अंधभक्त’ डेल्यूजनल रहता है। जहां स्टूडेंट मोहब्बत की बात करता है, वहीं ‘अंधभक्त’ नफरत फैलाता है।

राहुल ने कहा कि स्टूडेंट निडर होता है, जबकि ‘अंधभक्त’ डरपोक होता है। उन्होंने चौथा अंतर बताते हुए कहा कि स्टूडेंट महिलाओं का सम्मान करता है, वहीं ‘अंधभक्त’ महिलाओं का अपमान करता है। इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि सिस्टम नहीं चाहता कि स्टूडेंट सवाल पूछे। उनके मुताबिक, इसी वजह से सिस्टम ‘अंधभक्त’ तैयार करता है और उन्हें प्रमोट करता है।
‘सिस्टम चलाने वालों के बच्चे इंदौर में या तो विदेश में पढ़ते हैं’
राहुल गांधी ने कहा कि सिस्टम चलाने वालों के बच्चों को देखना चाहिए कि वे इंदौर में पढ़ रहे हैं या विदेश में। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग देश के युवाओं को ‘अंधभक्त’ बनाना चाहते हैं, जबकि अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए विदेश भेजते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने शुरुआत में ही स्पष्ट किया था कि स्टूडेंट देश का निर्माण करता है और शिक्षा देश की नींव है। उन्होंने कहा कि शिक्षा हर छात्र का अधिकार है। सरकार की जिम्मेदारी है कि बच्चों को स्कूल में मिड-डे मील से लेकर कॉलेज तक और वहां से रोजगार तक पहुंचाने की व्यवस्था करे।
एक MBBS छात्र ने मध्य प्रदेश में सरकारी भर्तियों से जुड़ी समस्या सामने रखी
इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान एक MBBS छात्र ने मध्य प्रदेश में सरकारी भर्तियों से जुड़ी समस्या सामने रखी। छात्र ने दावा किया कि पिछले 8 साल से होने वाली भर्तियों में 13% पद होल्ड कर दिए जाते हैं। उसने कहा कि प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू पूरा होने के बाद भी नियुक्ति के लिए 13% पदों पर रोक लगा दी जाती है।
छात्र के मुताबिक, उसके जैसे करीब 4 लाख युवा इस समस्या से प्रभावित हैं, जबकि करीब 87 हजार अभ्यर्थियों के पद सीधे होल्ड हैं। उसने कहा कि MBBS, व्यापम और अन्य परीक्षाओं में भी 13% पदों पर रोक लगती है। छात्र ने आरोप लगाया कि सरकार हर बार कोर्ट का हवाला देकर परिणाम रोक देती है।
‘स्टूडेंट भारत का भविष्य है , इनके बिना कोई भी देश स्ट्रांग नहीं बन सकता’
राहुल गांधी ने मंच से कहा स्टूडेंट भारत का भविष्य है , इनके बिना कोई भी देश स्ट्रांग नहीं बन सकता है, स्टूडेंट नेचरली सवाल पूछते है, स्टूडेंट नफरत नहीं करते है, हुमिलिटी भी स्टूडेंट में है, जो सवाल पूछता हैराहुल गांधी ने कहा इन्हीं क्वालिटी से देश बनता है, कोई ज्यादा हम्बल है लेकिन यह क्वालिटी हर स्टूडेंट के दिल के अंदर भरी हुई है और इन्हीं क्वालिटी इसको हमें प्रोजेक्ट करना है, अगर आज हम देखें और स्टूडेंट से बात करें तो स्टूडेंट खुश नहीं है, स्टूडेंट अनकंफरटेबल है और स्टूडेंट को फ्यूचर नहीं दिख रहा है, आप सिस्टम के बारे में क्या कह रहे हो यह हम सुनते हैं।
सिस्टम छात्रों से डरता है, उसे सवाल पूछने वाले नहीं ‘अंधभक्त’ चाहिए
राहुल गांधी ने इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों और सिस्टम को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सिस्टम छात्रों से इसलिए डरता है, क्योंकि छात्र सवाल पूछते हैं और जिज्ञासु होते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि छात्र सवाल करते हैं कि अमित शाह के बेटे क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन कैसे बने..? वे यह भी पूछते हैं कि दो लोगों ने भारत के पूरे कारोबारी परिदृश्य पर कैसे कब्जा कर लिया..? उन्होंने न्यायपालिका और अन्य संस्थाओं के कामकाज पर भी सवाल उठाए। राहुल गांधी ने कहा कि छात्र यह भी पूछते हैं कि चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारियां क्यों नहीं निभा रहा। उन्होंने कहा कि सिस्टम छात्रों को नहीं, बल्कि ‘अंधभक्तों’ को चाहता है। राहुल के मुताबिक, छात्र सवाल पूछता है और निडर रहता है, जबकि ‘अंधभक्त’ अपने ही भ्रम की दुनिया में रहता है और डरपोक होता है।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा
राहुल गांधी बोले, परीक्षाओं के दौरान कैंडीडेट्स ने भी गलती की है। हालांकि उनका सिस्टम पर भरोसा खत्म हो गया है। भीड़ के बीच से आवाज गूंजी- “सर, हम सिस्टम से हार गए।” राहुल गांधी ने आगे कहा कि सिस्टम के अंदर बैठे लोग भ्रष्ट हो जाते हैं। पैसे के लिए पेपर लीक कर देते हैं। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा।
आज के स्टूडेंट्स दबाव में हैं
राहुल गांधी ने संवाद करते हुए कहा कि अगर आज हम स्टूडेंट्स से बात करें तो वह खुश नहीं है। आज के स्टूडेंट्स को अपना भविष्य नहीं दिख रहा है, वह दबाव में हैं।
छात्रों से जुड़े मुद्दों और उनके भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा की
राहुल गांधी ने कार्यक्रम में छात्रों से जुड़े मुद्दों और उनके भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा की। राहुल गांधी ने कहा कि कोटा, देहरादून और पुणे के बाद अब यह कार्यक्रम इंदौर में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में स्वागत के लिए छात्रों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें खुशी हुई।
इंदौर में कार्यक्रम का विषय ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ रखा गया
राहुल गांधी ने कहा कि अलग-अलग शहरों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान छात्र पेपर लीक, संस्थागत विफलता, इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, शिक्षा की बढ़ती लागत और निजीकरण जैसे मुद्दे उठाते हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर में कार्यक्रम का विषय ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ रखा गया है। इस दौरान छात्र बताएंगे कि सिस्टम क्या है, वह छात्रों को किस तरह प्रभावित करता है और उनके भविष्य के सामने कौन-सी चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। राहुल ने कहा कि कई युवा मंच पर आकर अपनी बात साझा करेंगे।




















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