यहां 101 सदस्यीय निगम में NDA ने 50 सीटों पर जीत हासिल की
जिससे वह सबसे बड़े गठबंधन के रूप में उभरा है।
यह जीत राजनीतिक मायनों में बेहद महत्वपूर्ण है
डिजिटल डेस्क न्यूज़। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम(Thiruvananthapuram) में BJP और NDA (National Democratic Alliance) ने नगर निगम चुनाव में एक अभूतपूर्व सफलता दर्ज की है। यहां पहली बार भगवा यानी भाजपा का झंडा लहराया है। यहां 101 सदस्यीय निगम में NDA ने 50 सीटों पर जीत हासिल की, जिससे वह सबसे बड़े गठबंधन के रूप में उभरा है। यह जीत राजनीतिक मायनों में बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि लंबे समय से LDF (Left Democratic Front) का वर्चस्व रहा है और अब शहर के शहरी निकाय पर उसका दबदबा कमजोर पड़ा है।

तिरुवनंतपुरम में 45 सालों से बना लेफ्ट का किला ध्वस्त हो गया है। नगर निगम में एलडीएफ(LDF) को केवल 29 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस समर्थित यूडीएफ(United Democratic Front) के खाते में 19 सीटें आईं और 2 सीटें इंडिपेंडेंट उम्मीदवारों के हिस्से में रहीं। भाजपा के लिए यह जीत ना सिर्फ पद की प्राप्ति है, बल्कि राज्य की राजनीति में उसकी बढ़ती पकड़ का भी संकेत है। निकाय चुनाव में जीत के साथ ही अब यहां बीजेपी का मेयर होगा।
राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव
राजधानी तिरुवनंतपुरम में LDF की दशकों पुरानी सत्ता को चुनौती देते हुए NDA की यह जीत राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी एक बड़ा संकेत है। इस चुनाव परिणाम से यह स्पष्ट होता है कि शहर के मतदाताओं ने बदलाव की चाह जताई है. राजनीतिक परिदृश्य में यह बदलाव आगामी केरल विधानसभा चुनावों (Kerala Assembly elections) के लिए भी एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है, क्योंकि तिरुवनंतपुरम कांग्रेस नेता शशि थरूर का राजनीतिक गढ़ रहा है।
तिरुवनंतपुरम नगर निगम में एनडीए की जीत पर प्रधानमंत्री मोदी ने इसे ऐतिहासिक बताया और जनता का धन्यवाद दिया।उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा, ‘तिरुवनंतपुरम को धन्यवाद! तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा-एनडीए को मिला जनादेश केरल की राजनीति में एक ऐतिहासिक क्षण है। जनता को पूरा विश्वास है कि राज्य की विकास संबंधी आकांक्षाओं को केवल हमारी पार्टी ही पूरा कर सकती है। हमारी पार्टी इस जीवंत शहर के विकास और लोगों के लिए जीवन स्तर को सुगम बनाने की दिशा में काम करेगी।




















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