मंगलवार 15 सितंबर को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी मौजूदा AICC सचिवों के साथ अहम बैठक करेंगे। इस दौरान सचिवों के अब तक के कामकाज की समीक्षा की जाएगी और उन्हें उनके प्रदर्शन के आधार पर सीधे फीडबैक भी दिया जाएगा।
सात सितंबर से शुरू हुआ यह इंटरव्यू राउंड बिल्कुल प्रोफेशनल अंदाज में किया गया और उनका इंटरव्यू भी लिया गया।
डिजिटल डेस्क न्यूज़/ नेशनल। कांग्रेस में संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की कवायद तैयारी तेज हो गई है। अब पार्टी नेतृत्व पुराने चेहरों के प्रदर्शन की समीक्षा के साथ-साथ युवा और सक्रिय नेताओं को संगठन में बड़ी जिम्मेदारियां देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पार्टी के करीब 130 नेताओं के इंटरव्यू लिए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल भी शामिल रहे।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस आने वाले दिनों में AICC के स्तर पर कुछ अहम बदलाव करने जा रही है। इस समय मौजूदा सचिवों में से लगभग आधे नेताओं की छुट्टी कर दी जाएगी। पार्टी का फोकस ऐसे नेताओं को आगे लागने पर है जो संगठन के लेवल पर ज्यादा सक्रिय हों, जमीन पर काम कर सकें और चुनावी परिस्थितियों के मुताबिक पार्टी को मजबूत करने की क्षमता रखते हों
इस पूरी प्रक्रिया के तहत पिछले हफ्ते लगभग 130 संभावित दावेदारों की स्क्रीनिंग की गई। सात सितंबर से शुरू हुआ यह इंटरव्यू राउंड बिल्कुल प्रोफेशनल अंदाज में किया गया और उनका इंटरव्यू भी लिया गया। इस अवसर पर हर एक नेता का विस्तृत डोजियर पहले से ही तैयार था। नेताओं की जमीन पर सक्रियता, उनके पिछले कामकाज का रिकॉर्ड, सांगठनिक काम और चुनावी प्रदर्शन का पूरा कच्चा-चिट्ठा मौजूद था।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार 15 सितंबर को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी मौजूदा AICC सचिवों के साथ अहम बैठक करेंगे। इस दौरान सचिवों के अब तक के कामकाज की समीक्षा की जाएगी और उन्हें उनके प्रदर्शन के आधार पर सीधे फीडबैक भी दिया जाएगा। माना जा रहा है कि बैठक के बाद पार्टी सचिवों की नई लिस्ट को अंतिम रूप दे सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, संगठन में कमजोर प्रदर्शन करने वाले कई पदाधिकारियों की छुट्टी हो सकती है। पार्टी करीब आधे सचिवों को जिम्मेदारी से हटाकर उनकी जगह नए चेहरों को मौका देने के मूड में है। इसका मकसद संगठन में सक्रियता बढ़ाने के साथ-साथ राज्यों में पार्टी के कामकाज को और मजबूत करना है।
सूत्रों के मुताबिक, संगठन में कमजोर प्रदर्शन करने वाले कई पदाधिकारियों की छुट्टी हो सकती है। पार्टी करीब आधे सचिवों को जिम्मेदारी से हटाकर उनकी जगह नए चेहरों को मौका देने के मूड में है। इसका मकसद संगठन में सक्रियता बढ़ाने के साथ-साथ राज्यों में पार्टी के कामकाज को और मजबूत करना है।




















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