BRICS Bazaar में ब्राज़ील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, वियतनाम, ईरान, कज़ाखस्तान, इंडोनेशिया, मलेशिया, बेलारूस और इथियोपिया सहित विभिन्न देशों से आए शिल्पकारों और अतिथियों के बीच धार का बाग प्रिंट भारतीय पारंपरिक कला और शिल्प विरासत की एक खास पहचान के रूप में उभरकर सामने आया।
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डिजिटल डेस्क न्यूज़/नेशनल/धार। भारत मंडपम में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के ‘BRICS Bazaar’ में मध्य प्रदेश के धार जिले की विश्वप्रसिद्ध बाग प्रिंट कला ने देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। पारंपरिक तकनीक और प्राकृतिक रंगों से तैयार किए जाने वाले बाग प्रिंट की कला को विदेशी मेहमानों ने करीब से जाना और इसकी निर्माण प्रक्रिया में विशेष रुचि दिखाई।
इसी दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान की बेटी जहरा पेजेशकियान ने बाग प्रिंट के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री और राज्य स्तरीय पुरस्कार विजेता मोहम्मद काजिम खत्री के स्टॉल का विशेष अवलोकन किया।
प्राकृतिक रंगों की प्रक्रिया ने खींचा ध्यान
जहरा पेजेशकियान ने बाग प्रिंट से तैयार वस्त्रों को बारीकी से देखा और इसकी पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। उन्हें खास तौर पर यह जानने में दिलचस्पी रही कि प्राकृतिक सामग्रियों से रंग कैसे तैयार किए जाते हैं और बाग प्रिंट में काले रंग को किस पारंपरिक विधि से तैयार किया जाता है। शिल्पकारों ने उन्हें प्राकृतिक रंगों, कपड़ों की तैयारी, लकड़ी के पारंपरिक ठप्पों और छपाई की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया।
जहरा पेजेशकियान को भेंट किया बाग प्रिंट का अंगवस्त्र
कला के प्रति उनकी रुचि को देखते हुए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री ने उन्हें पारंपरिक बाग प्रिंट का अंगवस्त्र भेंट किया। भारतीय पारंपरिक वस्त्र कला से जुड़े इस सम्मान को पाकर ज़हरा पेज़ेशकियान प्रसन्न नजर आईं।
BRICS Bazaar में हो रहा बाग प्रिंट का लाइव डेमोंस्ट्रेशन
BRICS Bazaar में धार की प्रसिद्ध बाग प्रिंट कला को लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है। मोहम्मद बिलाल खत्री और उनके भाई मोहम्मद काज़िम खत्री यहां बाग प्रिंट तैयार करने की पारंपरिक प्रक्रिया का जीवंत प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान BRICS सम्मेलन में शामिल विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और उच्चस्तरीय विदेशी प्रतिनिधियों ने भी खत्री बंधुओं के स्टॉल का अवलोकन किया। विशेष रूप से तैयार किए गए BRICS लोगो वाले लकड़ी के ब्लॉक्स से कुछ विदेशी प्रतिनिधियों ने खुद कपड़े पर ठप्पा लगाकर इस कला का अनुभव लिया।
वैश्विक मंच पर धार की पारंपरिक कला की पहचान
बाग प्रिंट प्राकृतिक रंगों, बारीक नक्काशी वाले लकड़ी के ब्लॉक्स और सदियों पुरानी पारंपरिक छपाई तकनीक के लिए जाना जाता है। BRICS Bazaar जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर इसकी मौजूदगी ने धार और मध्य प्रदेश की समृद्ध शिल्प विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने का अवसर दिया है।
पीढ़ियों से चली आ रही मेहनत सार्थक हुई : बिलाल खत्री
शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री ने कहा कि 18वें BRICS शिखर सम्मेलन जैसे वैश्विक मंच पर बाग प्रिंट का प्रदर्शन करना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के अलग-अलग देशों से आए प्रतिनिधियों ने इस कला को करीब से समझा, प्राकृतिक रंगों की प्रक्रिया जानी और खुद ठप्पा लगाकर इसका अनुभव लिया, तो पीढ़ियों से चली आ रही मेहनत सार्थक महसूस हुई।
खुद लगाया लकड़ी के ठप्पे से प्रिंट
बाग प्रिंट की पारंपरिक कला को करीब से समझने के बाद जहरा पेजेशकियान ने खुद भी इस कला का अनुभव लिया। उन्होंने लकड़ी के पारंपरिक ठप्पे को रंग में डुबोकर कपड़े पर प्रिंट लगाया। इस दौरान उन्होंने बाग प्रिंट की बारीकियों और पारंपरिक तकनीक को लेकर काफी उत्सुकता दिखाई।




















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