डिजिटल डेस्क न्यूज़/भोपाल। अनंत चतुर्दशी के दूसरे दिन भी गणेश जी की विदाई का क्रम जारी है। भगवान गजानन की भक्ति में 10 दिवसीय गणेश उत्सव के दौरान लीन रहने के बाद उनको विदाई देने का क्रम अनंत चतुर्दशी के दूसरे दिन शनिवार को भी भोपाल में जारी है। शहर के प्रमुख सात घाटों के अलावा नगर निगम द्वारा शहर भर में बनाए गए कुंडो में श्रद्धालु बप्पा की प्रतिमाओं का विसर्जन कर रहे हैं। दूसरे दिन भी गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ की गूंज सुनाई रही है। शहर के घाटों पर लोग नाम आंखों से बप्पा को विदाई दे रहे हैं। उससे पहले अनंत चतुर्दशी पर भी शहर भर में बड़ी संख्या में लोगों ने घाटों और कुंडो पर पहुंचकर भगवान विघ्नहर्ता को विदाई दी।
विदाई से पहले हवन पूजन और भंडारा
विदाई से पहले सुबह से ही हवन पूजन और भंडारे आयोजित किए गए जहां बड़ी संख्या में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। शहर में घरों के अलावा ऑफिस, फैक्ट्री और अन्य प्रतिष्ठानों में विराजे रिद्धि सिद्धि के दाता भगवान गणेश की विदाई को लेकर शहर भर में अलग नजर देखने को मिला श्रद्धालुओं ने ढोल नगाड़ों के साथ डीजे की थाप पर गुलाल उड़ाते हुए अलग-अलग अंदाज में उन्हें विदा किया। विसर्जन स्थलों पर भक्ति और श्रद्धा का माहौल नजर आया। नगर निगम के मुताबिक शुक्रवार रात्रि 11:00 बजे तक 27000 से अधिक छोटी और बड़ी मूर्तियां विसर्जित हो चुकी थीं, वही यह आंकड़ा शनिवार दोपहर तक 35 हजार के पार हो चुका है। रविवार को भी शहर में विसर्जन का क्रम जारी रहेगा।
1500 झांकियों के साथ निकली यात्रा
शहर में शुक्रवार रात भारत टॉकीज चौराहे से अनंत चतुर्दशी का मुख्य चल समारोह रवाना हुआ। करीब 1500 झांकियों के साथ निकली यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पुराने शहर के प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह लोगों की भीड़ जुटी रही। भारत टॉकीज से निकला चल समारोह इतवारा, जुमेराती और पीरगेट होते हुए विसर्जन घाटों की ओर बढ़ा। ढोल-नगाड़ों की गूंज और गणपति बप्पा के जयकारों के बीच झांकियां आगे बढ़ती रहीं। कई स्थानों पर लोगों ने घरों और दुकानों से निकलकर झांकियों का स्वागत किया। झांकियां निकालने का सिलसिला पूरी रात चलता रहा। चल समारोह विभिन्न परंपरागत मार्गो से होता हुआ रानी कमलापति घाट पहुंचा जहां इसका समापन हुआ।




















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