– राहुल ने भोपाल से शुरू किया संगठन सृजन अभियान
– बोले, पार्टी को मजबूत करने रेस वाले घोड़े की जरूरत
– बारात वाले घोड़े और लंगड़े घोड़े अब समझ लें, दिए साफ संकेत
भोपाल/डिजिटल डस्क न्यूज़। कांग्रेस नेता और नेता विपक्ष राहुल गांधी मंगलवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे। कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की मंशा से राहुल गांधी द्वारा संगठन सृजन अभियान शुरू किया गया है। इस अवसर पर भोपाल में तमाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारी की मौजूदगी में राहुल गांधी ने घोड़ों का उदाहरण देते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को नसीहत दी। राहुल गांधी ने भोपाल में कहा कि तीन तरह के घोड़े होते हैं। एक रेस वाला घोड़ा, एक बारात वाला घोड़ा और एक लंगड़ा घोड़ा होता है। राहुल गांधी ने कहा पार्टी को मजबूत करने के लिए संगठन को मजबूत करने के लिए रेस वाले घोड़े की जरूरत है। अब समय आ गया है, बारात वाले घोड़े बारात में जाएं और लंगड़े घोड़े अब आराम की अवस्था में जाएं।
राहुल गांधी ने साफ संकेत दिया कि युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाया जाए और पार्टी को मजबूत किया जाए। हमारे युवा साथियों को बिल्कुल भी किसी से डरने की जरूरत नहीं है,उन्हें खुलकर आगे आना चाहिए राहुल ने कहा हमारे युवा साथियों में सरकार बनाने की क्षमता है। वे जब चाहे तब उनसे से मुलाकात कर सकते हैं। इतना ही नहीं राहुल गांधी ने यह भी कहा उनकी जहां जरूरत पड़ेगी वह पार्टी के युवा साथियों साथ खड़े हैं।
बता दें कि मंगलवार को राहुल गांधी भोपाल आए थे, उन्होंने कांग्रेस के संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत दिन भर में आधा दर्जन से ज्यादा बैठकें की, उन्होंने प्रदेश कांग्रेस दफ्तर के अलावा रविंद्र भवन में भी कांग्रेस के प्रदेश भर से आए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। दोनों बैठकों में मध्य प्रदेश कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता मौजूद थे। इस दौरान अपने संबोधन में राहुल ने राज्य में पार्टी के सीनियर लीडरशिप को भी निशाने पर लिया। राहुल ने कहा- मुझे पता है कि कई कार्यकर्ताओं के हाथ बांधे गए हैं, लेकिन उनमें ये क्षमता है कि वो बीजेपी को हरा सकें। राहुल ने अपने संबोधन में जैसे ही रेस का घोड़ा, बारात का घोड़ा और लगड़े घोड़े की बात कही तो पूरा हाल तालियों से गूंज उठा। ऐसा लगा जैसे ठंडे पड़ी युवा साथियों में किसी ने ऊर्जा का संचार कर दिया हो। बहरहाल, अब देखना यह है कि मध्यप्रदेश में जिस तरह से राहुल गांधी युवा साथियों में जान भूख कर गए हैं उसमें वरिष्ठ कांग्रेस नेता और तमाम तरह के घोड़े कितनी सक्रियता से साथ देते हैं या उदासीनता बरकरार रहेगी।




















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