– 6 जुलाई को दलाई लामा के 90वें जन्मदिन पर धर्मशाला में कार्यक्रम होगा
– केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी का चयन सिर्फ स्थापित परंपराओं और खुद दलाई लामा की इच्छा से ही होगा
डिजिटल डेस्क न्यूज़।
भारत सरकार ने चीन को दलाई लामा के उत्तराधिकारी के मामले में स्पष्ट जवाब दिया है। किरेन रिजिजू ने कहा कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी का चयन केवल दलाई लामा और उनकी परंपरा के अनुसार ही होगा। बता दें 6 जुलाई को दलाई लामा के 90वें जन्मदिन पर धर्मशाला में कार्यक्रम होगा।
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी का चयन सिर्फ स्थापित परंपराओं और खुद दलाई लामा की इच्छा से ही होगा, किसी और का इसमें कोई अधिकार नहीं है।
बुधवार को तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने भी कहा था कि उनका संस्थान ‘गदेन फोड्रांग ट्रस्ट’ ही उनके भविष्य के पुनर्जन्म को मान्यता देने वाला एकमात्र अधिकृत नकाय है। चीन द्वारा उनके उत्तराधिकारी योजना को खारिज करने के बाद यह बयान और भी अहम हो गया है।किरने रिजिजू ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, “दलाई लामा बौद्धों के लिए सबसे अहम और परिभाषित करने वाली संस्था हैं। उनके अनुयायी मानते हैं कि अवतार सिर्फ स्थापित परंपरा और दलाई लामा की इच्छा के अनुसार ही तय होगा।
बता दें, चीन की तरफ से यह दावा किया गया था कि भविष्य में कोई भी दलाई लामा तभी मान्य होगा जब उसे चीन की मंजूरी मिलेगी। भारत सरकार ने इस बयान को साफतौर पर नकारते हुए परंपरा का सम्मान करने की बात दोहराई है।
किरेन रिजिजू ने कहा, “कोई और व्यक्ति या देश यह निर्णय नहीं ले सकता है कि दलाई लामा का उत्तराधिकारी कौन होगा।” रिजिजू खुद भी बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं और तिब्बती बौद्ध समुदाय में दलाई लामा की भूमिका को बेहद सम्मान से देखते हैं।




















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