– जिसकी प्रताड़ना से गई थी एक जान… अब फिर रीवा पॉलिटेक्निक में वापसी की तैयारी?
– कर्मचारियों ने कहा – “प्राचार्य नहीं, मौत का साया”
डिजिटल डेस्क न्यूज़/रीवा। रीवा पॉलिटेक्निक कॉलेज एक बार फिर सुर्खियों में है। दरअसल,दो साल पहले जिस प्राचार्य को उनके भ्रष्ट और तानाशाही व्यवहार के चलते हटाया गया था, वह अपने राजनीतिक रसूख का लाभ लेकर फिर वापसी की तैयारी में हैं, जिससे एक बार फिर कॉलेज का माहौल खराब हो गया है। बताया जाता है कि प्राचार्य अशोक अवस्थी के तानाशाही व्यवहार के चलते पूर्व में एक कर्मचारी की मौत भी हो चुकी है। इन्हीं सब बातों का ख्याल कर अब कॉलेज का स्टॉफ घबराया हुआ है। इनकी मांग है शासन से कि यदि प्राचार्य अवस्थी यदि फिर वापस आते हैं तो कॉलेज का वातावरण खराब हो जाएगा।
प्राचार्य के कारनामे चर्चित, इसलिए अब वापसी नहीं चाहता स्टाफ
बताया जाता है कि रीवा पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्राचार्य अवस्थी ऐसा की तानाशाही का आलम यह रहा कि इनके द्वारा प्रताड़ित किए जाने से एक कर्मचारी की असमय ब्रेनहेमरेज से मौत हो चुकी है। इस बात का प्रमाण यह है कि पीड़ित प्रताड़ित कर्मचारी ने मौत से पहले एक पत्र लिखकर साफ कहा था – “अवस्थी की प्रताड़ना ने ही मुझे मौत की ओर धकेला।
रसूख के बल पर वापसी की कोशिश?
आरोप है कि प्राचार्य अशोक अवस्थी जूनियर होने के बावजूद राजनीतिक रसूख और जोड़-तोड़ का इस्तेमाल कर नियम विरुद्ध तरीके से फिर से प्रभार लेने की कोशिश कर रहे हैं।पिछले दो दिनों से कॉलेज का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। कर्मचारी सहमे हुए हैं। उनका कहना है कि यदि अवस्थी को दोबारा प्रभार मिल गया तो उनका जीना दूभर हो जाएगा।
कर्मचारियों का सीधा आरोप है – जिसकी प्रताड़ना से एक मौत हो चुकी, वह अगर दोबारा आया तो और कितनी जानें जाएंगी?क्या ऐसे व्यक्ति को दोबारा प्रभार देकर कर्मचारियों की सुरक्षा और गरिमा से समझौता किया जाएगा…?
कर्मचारियों की चेतावनी
कॉलेज स्टाफ का साफ कहना है कि यदि सरकार ने अशोक अवस्थी को प्रभार दिया, तो यह न सिर्फ कर्मचारियों के साथ अन्याय होगा बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर भी काला धब्बा साबित होगा।

अब फैसला सरकार को करना है–
क्या वह मौत और प्रताड़ना का प्रतीक बन चुके व्यक्ति को दोबारा कुर्सी सौंपेगी, या फिर कर्मचारियों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था की गरिमा को प्राथमिकता देगी?




















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