माघ मेला प्रशासन और अविमुक्तेश्वरानंद के बीच 9 दिन से विवाद चल रहा
प्रशासन ने निर्दोष ब्राह्मणों के साथ जो निर्दयता से मारपीट की है, वह बेहद निंदनीय है।
स्वामी सदानंद जी ने यह बात जबलपुर में नर्मदा जन्मोत्सव कार्यक्रम में कही।
डिजिटल डेस्क न्यूज़। माघ मेला से उपजे शंकराचार्य से जुड़े विवाद में अब द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने कहा-तीनों शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में हैं। प्रशासन उनका सर्टिफिकेट मांगने वाला कौन होता है। उसे कोई अधिकार नहीं। प्रशासन ने निर्दोष ब्राह्मणों के साथ जो निर्दयता से मारपीट की है, वह बेहद निंदनीय है। उन्होंने यह बात जबलपुर में नर्मदा जन्मोत्सव कार्यक्रम में कही।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से पिटाई से नाराज बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने 5 पेज के लेटर में लिखा है कि प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के शिष्यों की चोटी पकड़ी गई। इससे आहत होकर उन्होंने यह फैसला लिया।इधर, प्रयागराज माघ मेले में शिविर के बाहर धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तिरंगा फहराया। उन्होंने कहा– अगर केशव मौर्य का बस चलता तो वो कब का हमें नहलाकर चले गए होते। उनको डांटा जा रहा है। यहां आने नहीं दिया जा रहा है। एक समझदार नेता को दबा दिया गया।
दरअसल, रविवार को केशव मौर्य प्रयागराज पहुंचे। सर्किट हाउस में शंकराचार्य विवाद से जुड़े सवाल पर कहा, ‘जब मुझसे बात करने को कहा जाएगा, जरूर करूंगा। मैं पूज्य शंकराचार्य से प्रार्थना कर सकता हूं, उनके चरणों में शीश झुकाकर निवेदन करता हूं कि संगम में स्नान कर विवाद खत्म करें।’
माघ मेला प्रशासन और अविमुक्तेश्वरानंद के बीच 9 दिन से विवाद चल रहा है। कम या खत्म होने की बजाय मामला बढ़ता जा रहा है। रविवार को अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा था, ‘कितने भी जुल्म कर लो, पीछे नहीं हटूंगा।




















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