डिजिटल डेस्क न्यूज़/भोपाल। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने जनगणना-2027 के प्रथम चरण के लिए आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर जनगणना 2027 की प्रक्रिया पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई।
प्रशिक्षण सत्र में मुख्य सचिव अनुराग जैन के साथ प्रदेशभर के संभागायुक्त, जिला कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
देश की सबसे व्यापक और महत्वपूर्ण डाटा प्रक्रिया जनगणना है, जिसके आधार पर सरकारी योजनाएं बनती हैं, और संसाधनों का वितरण तय किया जाता है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बन चुका है, तब जनगणना का महत्व और भी बढ़ जाता है। यह सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के भविष्य की दिशा तय करने वाला अभियान है।
एक मई से शुरू होगी डिजिटल मकान गणना
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया जा रहा है कि इस वर्ष मकानों की डिजिटल गणना किस प्रकार की जाएगी और इसकी निगरानी व क्रियान्वयन कैसे किया जाएगा।
एक मई से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण देने के लिए भोपाल बुलाया गया है। यह कार्यक्रम रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया की उपस्थिति में आयोजित किया जा रहा है। जनगणना से जुड़ी अहम और बारीकी से जानकारी के साथ प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे किसी प्रकार की परेशानी निर्मित ना हो। बता दें कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन संचालित होती है।
प्रदेश के गृह विभाग के सचिव एवं राज्य नोडल अधिकारी जनगणना अभिषेक सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण में शामिल होने के निर्देश जारी किए हैं।




















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