कथावाचक पं. रमेश भाई ओझा ने धाम में सनातन वैदिक गुरुकुलम का शुभारंभ किया।
यहां पहले वर्ष में 31 बच्चों को वैदिक कर्मकांड की शिक्षा दी जाएगी।
सीएम को बुंदेली पगड़ी बांधी गई। बागेश्वर बाबा पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने पूजन विग्रह, तस्वीर और बलदाऊ जी का अस्त्र ‘हल’ भेंट किया।
डिजिटल डेस्क न्यूज़/छतरपुर/भोपाल। बाबा बागेश्वर धाम के नाम से मशहूर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने लिए गए संकल्पों में से एक गरीब कन्याओं के विवाह को पूरा कर रहे हैं। इसमें खास बात यह है कि इन कन्याओं का विवाह वे पूरी भव्यता और दिव्यता के साथ करवा रहे हैं। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री यादव हल्दी रस्म में पहुंचे जिससे विवाह उत्सव का माहौल ही अलग हो गया।
खजुराहो के समीप बागेश्वर धाम में सातवां सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव भव्य स्तर पर जारी है। शुक्रवार को 300 बेटियों की हल्दी रस्म हुई, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। मंच पर राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया और मंत्री लखन पटेल भी मौजूद रहे।

सीएम को बुंदेली पगड़ी बांधी गई। बागेश्वर बाबा पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने पूजन विग्रह, तस्वीर और बलदाऊ जी का अस्त्र ‘हल’ भेंट किया। सीएम ने मंच से 300 नहीं, 3000 बेटियों के विवाह का आह्वान करते हुए 51-51 हजार की सहायता देने का ऐलान किया।
सीएम और धीरेंद्र शास्त्री एक दूसरे को लगाई हल्दी
सीएम ने कार्यक्रम स्थल पर मंडप पूजन किया। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को हल्दी लगाई, जबकि शास्त्री ने सीएम की पीठ पर हल्दी के छाप छोड़े। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा के गाल पर भी हल्दी लगाई गई। सभी अतिथियों और विधायकों के साथ परंपरागत हल्दी की रस्म निभाई गई। मंच पर सीएम ने 6 मिनट की डॉक्यूमेंट्री भी देखी, जिसमें चयनित बेटियों के जीवन संघर्ष की कहानियां दिखाई गईं।
बुलेट से और पैदल घूमकर किया मंडप का निरीक्षण, व्यवस्थाएं देखीं

धीरेंद्र शास्त्री ने बुलेट बाइक और पैदल घूमकर भंडार गृह, प्रसाद वितरण, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण किया। इसके बाद वे मुख्य विवाह मंडप पहुंचे, जहां 300 कन्याओं का विवाह होना है। मंडप की सजावट, आवागमन मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था और बेटियों के लिए तैयार उपहार सामग्री कक्ष का भी बारीकी से अवलोकन किया।
कल बारात धाम पहुंचेगी
बता दें कि शुक्रवार 13 फरवरी को हल्दी, शनिवार 14 फरवरी को मेहंदी-संगीत, जबकि 15 फरवरी को 300 बेटियों की बारात धाम पहुंचेगी। आयोजन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
कथावाचक पं. रमेश भाई ओझा ने वैदिक गुरुकुलम का शुभारंभ किया

इसी दौरान कथावाचक पं. रमेश भाई ओझा ने धाम में सनातन वैदिक गुरुकुलम का शुभारंभ किया। यहां पहले वर्ष में 31 बच्चों को वैदिक कर्मकांड की शिक्षा दी जाएगी। बनारस के चार विद्वान आचार्य गुरुकुल में रहकर शिक्षण कार्य करेंगे। कार्यक्रम में कई संत-महात्मा और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।




















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