कुल 56 किलोमीटर सड़क और ब्रिज का निर्माण लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था।
निर्माण कार्य मेसर्स वागड़ इंफ्रा द्वारा किया गया और मेंटेनेंस का काम ठेकेदार के खर्च पर चल रहा था।
बताया गया कि संबंधित ठेकेदार पहले भी ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के निर्देश दिए।
सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI) की टीम दिल्ली से जबलपुर के लिए रवाना हो गई है।
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डिजिटल डेस्क न्यूज़/जबलपुर। Jabalpur Overbridge Collapse : मध्य प्रदेश में जबलपुर से भोपाल को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-45 पर शहपुरा के समीप रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर बना ब्रिज का एक हिस्सा धंस गया है। ब्रिज के धंसने के बाद मार्ग को बंद कर दिया गया है। घटना के बाद मौके पर यातायात रोक दिया गया और वैकल्पिक व्यवस्था लागू की गई है। इससे पहले भोपाल में 90 डिग्री ब्रिज के निर्माण को लेकर भी आलोचना हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार, यह वही ब्रिज है जिसकी दूसरी लेन का हिस्सा दिसंबर में क्षतिग्रस्त हुआ था। तब से आवागमन एक लेन से कराया जा रहा था, जबकि दूसरी लेन पर मरम्मत/निर्माण कार्य चल रहा था। वर्तमान में जिस हिस्से में निर्माण कार्य जारी है, उसके बीच यह नई क्षति सामने आई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्रिज का एक हिस्सा पहले से ही क्षतिग्रस्त था और उसी हिस्से से आवागमन किया जा रहा था। अब दूसरा हिस्सा भी गिर गया है। चार साल पहले बने इस ब्रिज की गुणवत्ता को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। इस ओवरब्रिज का निर्माण और रखरखाव मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) की जिम्मेदारी में था।
कुल 56 किलोमीटर सड़क और ब्रिज का निर्माण लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था। निर्माण कार्य मेसर्स वागड़ इंफ्रा द्वारा किया गया और मेंटेनेंस का काम ठेकेदार के खर्च पर चल रहा था। बताया गया कि संबंधित ठेकेदार पहले भी ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के निर्देश दिए। सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI) की टीम दिल्ली से जबलपुर के लिए रवाना हो गई है। एमपी रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के रीजनल मैनेजर राकेश मोरे ने कहा कि तकनीकी जांच के बाद ही ब्रिज गिरने के कारण स्पष्ट होंगे।




















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