रीवा। नन्हे बच्चों के खेलते-खेलते बोरवेल में गिर जाने की घटनाएं बीते कुछ सालों में आम हो चुकी हैं। इस घटना के बाद प्रशासन को बच्चों को निकालने के लिए काफी मस्कट करनी पड़ती है ऐसी ही एक घटना मध्यप्रदेश के रीवा जिले से सामने आई है। जहां प्रशासन ने एक बार फिर से बच्चे की जान बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी लेकिन नियति को शायद कुछ और ही मंजूर रहा। जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के रीवा में बोरवेल में फंसे 6 साल के मासूम बच्चे को आखिरकार बाहर निकाल लिया गया है। बता दें 6 साल के मयंक को निकालने के बाद प्रशासन द्वारा एंबुलेंस से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र रवाना किया गया है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम ने 40 घंटे से ज्यादा चले ऑपरेशन के बाद बच्चे को बाहर निकाला। इतना ही नहीं बच्चे की जान बचाने लिए पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही थी। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम बोरवेल के पास खुदाई कर रही थी। लेकिन आखिरकार तमाम प्रयासों के बावजूद मासूम की जान नहीं बच सकी। अंत में टीम ने सफेद चादर में ढंकी हुई मासूम की बॉडी बोरवेल से बाहर निकाली। इस घटना के बाद इलाके में मातम छाया हुआ है वहीं प्रशासन में इस तरह की घटनाओं को लेकर सावधान रहने की दिशा निर्देश दिए हैं ताकि दोबारा इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो। उल्लेखनीय है कि इस तरह की घटनाओं से अक्सर बाद में देखा गया है, प्रशासन और शासन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वही मासूम बच्चे की जान बोरवेल के अंदर आफत में फंसी होती है।
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डिजिटल डेस्क न्यूज़/भोपाल। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में आयोजित गोपालक...




















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