डिजिटल डेस्क न्यूज़/भोपाल। भोपाल में तृप्ति सिंह राजपूत के फर्जी IAS अधिकारी होने का मामला उसके ससुर द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी के बाद सामने आने की बात कही जा रही है। बताया गया है कि तृप्ति की गतिविधियों और उसके अधिकारी होने के दावों पर ससुर को शक हुआ था।
इसके बाद उन्होंने मसूरी स्थित प्रशासनिक प्रशिक्षण अकादमी से RTI के जरिए जानकारी मांगी। अकादमी से मिले जवाब के बाद तृप्ति के IAS अधिकारी होने के दावे पर सवाल खड़े हुए और कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
13 लोगों से डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी का आरोप
जांच में अब तक करीब 13 लोगों से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी किए जाने की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। आरोप है कि तृप्ति सिंह राजपूत बेरोजगार युवाओं और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को सरकारी अधिकारी होने का भरोसा दिलाकर रकम ऐंठती थी। बताया जा रहा है कि उसने खुद को पर्यटन विभाग की अतिरिक्त संचालक सहित अलग-अलग सरकारी पदों पर तैनात अधिकारी के रूप में पेश किया।
फर्जी दस्तावेजों से तैयार किया था पूरा सेटअप
पुलिस जांच में कथित तौर पर तृप्ति से फर्जी दस्तावेज और अधिकारी के तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली कई सामग्रियां बरामद की गई हैं। इनमें नकली लेटरहेड, पहचान पत्र, नियुक्ति संबंधी दस्तावेज और ट्रेनिंग किट शामिल बताए जा रहे हैं। इन दस्तावेजों के जरिए वह अपने आसपास के लोगों के सामने खुद को वास्तविक सरकारी अधिकारी के रूप में पेश करती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन फर्जी दस्तावेजों को तैयार करने में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे।




















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