डिजिटल डेस्क/भोपाल। मध्यप्रदेश जिसकी पहचान भारत के दिल के रूप में है। अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ- साथ यह प्रदेश खेल गतिविधियों के विकास और बेहतरीन खिलाड़ियों के नाम से भी पहचाना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार के प्रयासों के साथ-साथ खिलाड़ियों के जूनून और समर्पण ने मध्यप्रदेश में खेलों के विकास को गति दी है। अब मध्यप्रदेश अपने खेल प्रतिस्पर्धी राज्यों का मजबूत प्रतिस्पर्धी बन गया है। खेल के कुछ क्षेत्रों में मध्यप्रदेश का पूरे देश में कोई मुकाबला नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव और खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग के प्रयासों से खेल के क्षेत्र में प्रदेश को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। मध्यप्रदेश का खेल परिदृश्य पिछले 13 वर्षों से पूरी तरह बदल गया है। मध्यप्रदेश के खिलाड़ी देश और दुनिया में लगातार नाम रोशन कर रहे हैं जिससे प्रदेश गौरवान्वित हो रहा है। हाल ही में राष्ट्रपति के द्वारा अर्जुन अवार्ड प्राप्त करने वाले खिलाड़ी हों या एशियाई व ओलंपिक खेलों में अपने शानदार प्रदर्शन से स्वर्ण,रजत और कांस्य पदक अर्जित करने वाले खिलाड़ी खेलों के विभिन्न क्षेत्रों में इन्होंने मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा की गई प्रमुख पहलों में से एक राज्य भर में कई खेल अकादमियां और प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना है। 2006 से 2015 तक विभिन्न खेलों की 11 अकादमी स्थापित की गई। इन अकादमियों में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं के साथ अनुभवी प्रशिक्षकों से खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। आज अकादमी के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सफल हुए है। मध्यप्रदेश सरकार की एक और उपलब्धि यह है कि अब प्रदेश में दो और आउट ऑफ द बॉक्स “ब्रेक डांस” और “ई-स्पोर्ट्स” अकादमी शुरू की जा रही है। दोनों विधा को ओलम्पिक और एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले खेल के रूप में शामिल किया गया है।




















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