भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर रविवार, 3 मार्च को प्रदेश के सभी 968 पुलिस थानों में पुलिस जनसंवाद आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आईजी, डीआईजी, एसपी, एसडीओपी व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। भोपाल के अशोका गार्डन थाना क्षेत्र की वर्धमान ग्रीन पार्क कॉलोनी में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में पहुंचे डीजीपी सुधीर सक्सेना ने कहा कि पुलिस की वर्दी हमें पॉवर के लिए नहीं, बल्कि जनता की सेवा करने के लिए मिली है। जब हम जनता की सेवा करेंगे, तभी वर्दी पहनना सार्थक होगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस विभाग की समीक्षा बैठकों में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस के साथ आमजन की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनसंवाद के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि पुलिस की कार्यक्षमता से जनता का सरोकार रहे, गुंडों में दहशत हो और आमजन का पुलिस पर विश्वास कायम रहे, इसी विश्वास से यह अभियान चलाया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनसंवाद से पुलिसिंग और अच्छी होगी। इसी तारतम्य में प्रदेश के सभी पुलिस थाना क्षेत्रों में पुलिस जनसंवाद का आयोजन किया गया।
भोपाल के जनसंवाद कार्यक्रम में डीजीपी सक्सेना ने कहा कि जनता और पुलिस को साथ जुडक़र काम करना अत्यंत आवश्यक है। आमजन द्वारा सीसीटीवी लगाए जाने की पहल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में योजना बनाकर यथासंभव तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सके।
डीजीपी के आदेश पर आमजन की अपेक्षाएं एवं सुझाव प्राप्त करने आयोजित जनसंवाद में थाना क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, नागरिकों, प्रबुद्धजनों, डॉक्टर, अधिवक्ता, शिक्षाविद, विभिन्न व्यापारिक मंडलों के प्रतिनिधियों आदि ने सहभागिता की। इस दौरान आमंत्रित व्यक्तियों से उनके निवास के क्षेत्र में सुरक्षा का वातावरण, पुलिस से उनकी अपेक्षाओं, सुरक्षा संबंधी समस्याओं व सुझावों की जानकारी ली गई और पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में उन्हें बताया।
जनसंवाद में लोगों ने साइबर क्राइम, सीसीटीवी कैमरा इंस्टालेशन, नशा मुक्ति, महिला सुरक्षा, पुलिस का आमजन से व्यवहार और छोटे-मोटे विवादों को पुलिस की मध्यस्थता से सुलह कराने जैसे विषय रखे।
डीजीपी सक्सेना ने कहा कि आमजन की अपेक्षाओं और सुझावों से पुलिस की आगामी कार्यनीति निर्धारित की जाएगी, ताकि मुख्यमंत्री जी की मंशानुरूप पुलिस-आमजन सहभागिता सुनिश्चित हो सके और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास और साथ ही पुलिस को सक्षम बनाएगा। सुचारु ट्रैफिक व्यवस्था, नशा मुक्ति, सामाजिक कुप्रथाएं आदि कुछ ऐसे अपराध हैं, जो पुलिस अकेली नियंत्रित नहीं कर सकती।
पुलिस की जनोन्मुखी भावना का परिचय देने और प्रदेश में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से डीजीपी के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी जिलों में जनसंवाद का आयोजन किया गया। मुख्यत: थाना प्रभारियों ने कार्यक्रम आयोजित किया। राज्य के 968 थानों में हुए इस कार्यक्रम में पुलिस ने एक लाख से अधिक लोगों से जनसंवाद किया और उनके क्षेत्र में व्याप्त कुप्रथाओं, वहां सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति और पुलिस की कार्यप्रणाली के विषय में उनके विचार जाने। साथ ही पुलिस से उनकी क्या अपेक्षाएं हैं, इस बारे में उनके सुझाव भी प्राप्त किए।
अपराध रोकने जनता का साथ जरूरी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार व डीजीपी सक्सेना के मार्गदर्शन में जनसंवाद नियमित अंतराल पर आयोजित होगा। इस तरह के आयोजन से पुलिस और जनता के बीच विश्वास की भावना बढ़ेगी। साथ ही पुलिस को भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिलेगी।




















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