मध्यप्रदेश में कांग्रेस का 52 लाख वोट घटा, राहुल गांधी खफा
हाईकमान चिंतित,मध्यप्रदेश कांग्रेस नेताओं की उदासीनता पर सवाल
विधानसभा के बाद लोकसभा में छह माह में ही इतना बड़ा अंतर कैसे?
कांग्रेस की छानबीन समिति प्रदेश में आकर हार के उन सभी मुद्दों की जांच करेगी
नई दिल्ली/भोपाल। राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस को मिली सफलता के बाद पार्टी उन राज्यों की समीक्षा कर रही है, जहां कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में काफी नुकसान हुआ है। पार्टी ने खराब प्रदर्शन वाले सभी राज्यों में मिले प्रतिकूल परिणाम की जांच के लिए तीन-तीन वरिष्ठ नेताओं की समिति बनाई है। मध्यप्रदेश के मामले में पार्टी आश्चर्यचकित है कि उसे वर्ष 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में 1,75,71,582 वोट मिले थे।
वहीं जब छह माह बाद हुए लोकसभा चुनाव में उसके वोट 52 लाख घटकर 1,23,08,049 हो गए। इसके साथ यहां कांग्रेस औंधे मुंह गिर कर शून्य पर आ गई,जो चिंता का विषय है। अब कांग्रेस की छानबीन समिति प्रदेश में आकर उन सभी मुद्दों की जांच करेगी, जिस कारण से कांग्रेस को पराजय मिली।
कांग्रेस पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व चाहता है कि उन कारणों का पता लगाया जाए, जिसके चलते मध्यप्रदेश में कांग्रेस की इतनी बुरी हालत हुई। राहुल गांधी मध्य प्रदेश के प्रदर्शन से बेहद खफा हैं। सूत्रों की मानें तो उन्होंने इसके लिए प्रदेश संगठन ही दोषी है।




















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