ट्रैक्टर लेकर धरना प्रदर्शन में पहुंचे किसानों ने सरकार को जमकर कोसा
मूंग उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी की रखी मांग
भोपाल/जबलपुर। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में प्रदेश व्यापी आंदोलन के तहत तहसील मुख्यालयों पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में काफी संख्या में शामिल हुए किसानों ने प्रदेश सरकार व प्रशासन की के खिलाफ अपनी मांगों को रखा। प्रदर्शन में किसानों ने मुखर होकर खेती किसानी में आ रही समस्याओं को लेकर जमकर कोसा। मूंग उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी की मांग को लेकर शुरू हुए आंदोलन में किसान अब सभी फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की मांग सरकार से करने लगे हैं। किसान संघ के प्रांत उपाध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि सरकार द्वारा जिन फसलों के समर्थन मूल्य घोषित किये गए हैं। सरकार को उस मूल्य पर मंडी के बाहर या मंडी के अंदर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित करनी होगी। किसानों ने अपनी समस्याओं व मांगो का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम अनुभागीय अधिकारियों को सौंपा।
ट्रैक्टर रैली निकाल जताया रोष
जबलपुर जिले की पाटन, शहपुरा, पनागर, मंझोली तहसील में किसान धरना प्रदर्शन में ट्रैक्टर लेकर पहुंचे। रैली में ट्रैक्टर लेकर चल रहे किसान अभय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश भर में किसान सरकार की नीतियों से दुखी है। धान गेंहू खरीदी में जारी घोटाले, भुगतान की समस्या, नकली खाद, बीज, कीटनाशक आदि के कारण किसान पीड़ित है। आंदोलन के सिवाय अपनी मांगे सरकार के सामने रखने किसान के पास अन्य कोई विकल्प नहीं है।
भारतीय किसान संघ के प्रदेश स्तरीय आंदोलन में शामिल हुए किसानों की भारी संख्या ने सरकार व प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासनिक स्तर पर किसानों की समस्याओं व कृषि योजनाओं को लेकर समीक्षा करने की बात कही जा रही है। किसान संघ के तहसील मुख्यालयों में हुए धरना, प्रदर्शन व ज्ञापन की पल पल की जानकारी लोकल इंटेलीजेंस से मांगी गई है। जबलपुर की सभी तहसीलों में आयोजित धरना प्रदर्शन में प्रमुख रूप अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेन्द्र सिंह पटेल, प्रांत संगठन मंत्री भरत पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष ओम नारायण पचौरी, प्रांत उपाध्यक्ष मोहन तिवारी, जिलाध्यक्ष रामदास पटेल, पाटन तहसील अध्यक्ष मुकुल पचौरी, मंझोली तहसील अध्यक्ष वीरेन्द्र पटेल, शहपुरा तहसील अध्यक्ष वीरेन्द्र साहू, पनागर तहसील अध्यक्ष जितेंद्र पटेल, कुंडम तहसील अध्यक्ष सतीश झारिया, अभय प्रताप सिंह, धनंजय पटेल, पुखराज सिंह चंदेल, धरम पटेल, सुनील पटेल, दामोदर पटेल, दिनेश पटेल, भरत पटेल, रीतेश पटेल, भानु पटेल, रीतेश पचौरी, राजेश पटेल, समनू यादव, मुन्ना सिंह मरावी, बृजलाल आदि सहित सैकड़ों गांवों के किसान बंधु शामिल हुए।




















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