इस अद्भुत शिवलिंग की ऊंचाई और लंबाई दोनों ही 33 फीट है।
इसका कुल वजन लगभग 210 मीट्रिक टन (2,10,000 किलोग्राम) है।ये एक ‘मोनोलिथ’ संरचना है, जिसका मतलब है कि इसे एक ही विशाल काले ग्रेनाइट पत्थर को तराश कर बनाया गया है।
डिजिटल डेस्क न्यूज़। बिहार की पावन धरती आज एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक गौरव की गवाह बन रही। पूर्वी चंपारण के केसरिया में निर्माणाधीन ‘विराट रामायण मंदिर’ में विश्व के सबसे विशालकाय शिवलिंग की स्थापना सफलतापूर्वक की जा रही।तमिलनाडु के महाबलीपुरम से हजारों किलोमीटर का सफर तय कर चंपारण पहुंचे इस दिव्य शिवलिंग को देखने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रही। ये शिवलिंग न केवल अपने विशाल आकार के कारण अद्वितीय है, बल्कि ये स्थापत्य कला और धैर्य का भी उत्कृष्ट उदाहरण है। 17 जनवरी 2026 की ये तारीख भारतीय सांस्कृतिक इतिहास में दर्ज हो गई, क्योंकि अब बिहार के पास विश्व का सबसे बड़ा ‘सहस्त्रलिंगम’ है।
इस अद्भुत शिवलिंग की ऊंचाई और लंबाई दोनों ही 33 फीट है। इसका कुल वजन लगभग 210 मीट्रिक टन (2,10,000 किलोग्राम) है। ये एक ‘मोनोलिथ’ संरचना है, जिसका मतलब है कि इसे एक ही विशाल काले ग्रेनाइट पत्थर को तराश कर बनाया गया है। इस भव्य शिवलिंग की एक मुख्य विशेषता ये है कि इस पर 1008 छोटे-छोटे ‘सहस्त्रलिंगम’ उकेरे गए हैं, जो इसकी आध्यात्मिक महत्ता को कई गुना बढ़ा देते हैं।
महाबलीपुरम में 10 वर्षों की तपस्या
इस शिवलिंग का निर्माण तमिलनाडु के महाबलीपुरम में कुशल शिल्पकारों द्वारा किया गया है। इसे पूर्ण रूप देने में लगभग 10 वर्षों का लंबा समय लगा। ग्रेनाइट पत्थर की कठोरता के कारण इसे तराशना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन शिल्पकारों की कड़ी मेहनत ने इसे विश्व रिकॉर्ड बनाने लायक कलाकृति में बदल दिया। दक्षिण भारतीय कला शैली में निर्मित ये शिवलिंग अब उत्तर भारत के सबसे भव्य मंदिरों में से एक की शोभा बढ़ाएगा।
आज विशेष मुहूर्त में इस शिवलिंग की स्थापना की जा रही। केसरिया स्थित विराट रामायण मंदिर को कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर से भी बड़ा बनाने का लक्ष्य रखा गया है। शिवलिंग की स्थापना के साथ ही मंदिर निर्माण के अगले चरण की शुरुआत हो गई है। प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने इस दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए हैं। इस ऐतिहासिक पल के बाद अब पूर्वी चंपारण विश्व पर्यटन और धार्मिक मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने जा रहे।




















Discussion about this post