भोपाल। मध्य प्रदेश में सोशल मीडिया पर वर्दी पहनकर रील, फोटो और वीडियो बनाकर पोस्ट करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पुलिस मुख्यालय ने सख्त नियम जारी किए हैं। नए निर्देशों के तहत ड्यूटी के दौरान या ड्यूटी के बाद वर्दी अथवा अशोभनीय वेशभूषा में सोशल मीडिया पर सामग्री पोस्ट करने पर कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस इकाइयों में इन निर्देशों को पढ़कर सुनाने के आदेश दिए हैं।
दस्तावेज शेयर करने पर प्रतिबंध
पुलिसकर्मी अब गोपनीय सरकारी दस्तावेजों के स्क्रीनशॉट, फोटो या स्कैन कॉपी सोशल मीडिया पर साझा नहीं कर सकेंगे। संवेदनशील सरकारी जानकारी को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर डालने पर भी रोक रहेगी। इसके अलावा चैटजीपीटी, जेमिनी जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स पर संवेदनशील सरकारी जानकारी अपलोड करना भी प्रतिबंधित किया गया है।
संवेदनशील जानकारी साझा करने पर रोक
निर्देशों में संवेदनशील ड्यूटी से जुड़ी लोकेशन, कार्यस्थल और जियो-टैगिंग साझा करने पर भी रोक लगाई गई है। पुलिसकर्मियों को ऐसी जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से बचना होगा, जिससे सुरक्षा या सरकारी कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
सोशल मीडिया से कमाई पर सख्ती
पुलिसकर्मी शासन की अनुमति के बिना सोशल मीडिया से मॉनेटाइजेशन या पेड प्रमोशन नहीं कर सकेंगे। सोशल मीडिया से होने वाली आय का विवरण भी 30 दिन के भीतर संबंधित स्तर पर देना होगा। इससे सोशल मीडिया के जरिए होने वाली कमाई और व्यावसायिक गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सकेगी।
पहचान सार्वजनिक नहीं होगी
जांच और जनसुनवाई से जुड़े मामलों में पीड़ित, साक्षी, आरोपी और बाल अपराधियों की पहचान सार्वजनिक करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। किसी फोटो या वीडियो को जारी करने से पहले संबंधित अनुमति लेना जरूरी होगा। साथ ही, जरूरत होने पर संबंधित व्यक्ति के चेहरे को धुंधला करना होगा।
उल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी
पुलिस मुख्यालय के निर्देश डीजीपी कैलाश मकवाणा के स्तर से जारी किए गए हैं। सभी पुलिस इकाइयों को आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित पुलिस अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।




















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