मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंडला में ₹460 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया और तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरित किया।
उन्होंने टाइगर सफारी, पान की खेती के पुनरुद्धार और लघु वनोपज प्रसंस्करण इकाई सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिससे क्षेत्र के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया गया।
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डिजिटल डेस्क न्यूज़/ मंडला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 4 अक्टूबर को मंडला पहुंचे। यहां उन्होंने प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के सदस्यों के लिए हुए प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम तथा तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में सहभागिता की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रकृति पूजक जनजातीय समुदाय प्रदेश की धरोहर है। हम सबको प्राणवायु देने वाले वनों की सुरक्षा, इनके संवर्धन और प्रबंधन में जनजातियों का योगदान अतुलनीय है। ऐसे सभी जनजातीय भाई-बहनों एवं तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनका वाजिब हक, मेहनत का पूरा सम्मान दिलाना और इनके सभी हितों की सुरक्षा हमारा संकल्प है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वनोपजों से जुड़ी आजीविका को मजबूत कर जनजातीय परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनोपज से जुड़े परिवारों के हितों को मजबूत करना ही हमारी सरकार की प्राथमिकता है।



















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