भोपाल। विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन अपराधों को रोकने के लिए किसी भी तरह की संदिग्ध परिस्थितियों की पड़ताल के लिए अब माया आ गई है अब कोई भी माया की सर्चिंग से नहीं बच पाएगा। बता दें अब तक यहां डॉग बेली लंबे समय से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अपनी सेवाएं दे रही थी। उल्लेखनीय है कि बीते कुछ माह पहले हुई आकस्मिक मौत के बाद डॉग बेली की कमी बांधवगढ़ में खल रही थी।वन अपराधों से जुड़े मामलों में सर्चिंग करने में काफी समस्या आ रही थी। वहीं बीते बुधवार को डॉग माया अपने हैंडलर के साथ में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व पहुंच चुकी है। अब माया वन अपराधों पर नज़र रखेगी।
जानिए कौन है माया
बता दें कि डॉग बेली का स्थान लेने बांधवगढ़ पहुँची ढाई वर्षीय डॉग माया को बेल्जियम मैलोनाइस नश्ल का बताया जा रहा है। हाल ही में जबलपुर में नेशनल डॉग शो में डॉग माया ने अपना हुनर दिखाया है और उसे अवार्ड भी मिला है। यही नहीं डॉग माया ने जबलपुर क्षेत्र में कई वन अपराधो का खुलासा करने में भी वन विभाग की मदद की है।एसटीएफ जबलपुर की टीम में शामिल डॉग माया काफी चुस्त और दुरुस्त है और उम्मीद की जा रही है कि अब माया बांधों का टाइगर रिजर्व में होने वाले वन अपराध पर लगाम लगाने में प्रबंधन का सहयोग करेगी।डिप्टी डायरेक्टर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व पीके वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया की डॉग माया को बांधवगढ़ में नियुक्ति दे दी गई है अपने हैंडल के साथ पहुंची डॉग माया अब वन अपराध रोस्टर और ग्रस्त के अनुसार सर्च ऑपरेशन में माया सहयोग करेगी।




















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