विजयदशमी पर्व पर दशहरा में रहा उत्सव का माहौल
कई इलाकों में भारी बारिश के कारण रावण काफी गीला हो गया, दहन में काफी मुश्किलें आयीं।
डिजिटल डेस्क न्यूज़/नई दिल्ली। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक रावण एक बार फिर से फूंका गया। बुराई का अंत हुआ और नए संकल्प के साथ लोग आगे बढ़ें इस संकल्प को लोगों ने एक बार फिर से विजयदशमी पर्व के अवसर पर दोहराया है।
देशभर में रावण के अलावा कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी फूंके गए। कई इलाकों में भारी बारिश के कारण रावण काफी गीला हो गया, दहन में काफी मुश्किलें आयीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को बारिश के बीच लाल किले पर आयोजित दशहरा समारोह में भाग लिया। वहीं खराब मौसम के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।
ऑपरेशन सिंदूर आतंक पर विजय का प्रतीक : राष्ट्रपति मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को बारिश के बीच लाल किले पर आयोजित दशहरा समारोह में भाग लिया। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंकवाद के रावण पर एक निर्णायक विजय का प्रतीक है। लाल किले के माधवदास पार्क में ‘रावण दहन’ के मौके पर प्रतीकात्मक रूप से धनुष-बाण चलाते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह त्योहार हमेशा से बुराई पर अच्छाई, अहंकार पर विनम्रता और घृणा पर प्रेम की विजय का प्रतीक रहा है। कार्यक्रम धार्मिक रामलीला समिति ने आयोजित किया था।कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा ”जब आतंकवाद मानवता पर हमला करता है, तो उसका मुकाबला करना आवश्यक हो जाता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंकवाद के रावण पर विजय का प्रतीक है और हम इसके लिए अपने सैनिकों को सलाम करते हैं। देशभर में राज्यों की राजधानी और जिलों में इस बुराई के प्रतीक रावण का दहन कर उत्सव मनाया गया।




















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