न्यूज डेस्क/द मिरर। मध्यप्रदेश के छतरपुर से हनुमान जी की सिद्धि के रूप में प्रसिद्धि पाने वाले पंडित धीरेंद्र कृष्ण गर्ग (शास्त्री) कई बार अपने बड़बोलेपन को लेकर भी सुर्खियों में रहते हैं। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को बाबा बागेश्वर वाले के नाम से भी प्रसिद्धि मिली हुई है। दरअसल, इस बार वे अपने प्रवचनों के दौरान कुछ हटकर बोल गए हैं। जिससे वह किसी और के निशाने पर नहीं बल्कि अपने ही संत समाज के निशाने पर आ गए हैं। इस बार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने किसी और को नहीं बल्कि संत समाज पर ही बोल दिया है। जिससे यह बात अब संत समाज से जुड़े लोगों को हजम नहीं हो रही है। अब उनके बोले गए कथनों की जमकर आलोचना हो रही है। जाहिर है अब तक नेताओं और समाज के तमाम लोगों की कमियों और गलतियों को पर्चा निकाले जाने के दौरान उजागर करते रहे हैं। लेकिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इस बार मंच से संतों की ही पोल खोलने की बात करने लगे। ऐसे में यह स्थिति यहां निर्मित होना स्वाभाविक है कि कि यदि एक अंगुली आप किसी की तरफ उठाएंगे तो तीन अंगुली बाबा की तरफ भी तो मुड़ेंगी। शायद यह बात पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भूल गए। बता दें बागेश्वर बाबा शास्त्री जी ने नेताओं और संतों की पोल खोलने की धमकी दी, जिसके बाद सोशल मिडिया पर बाबा का विरोध शुरु हो गया है।बाबा का वह वीडिओ भी जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वे संतों की पोल खोलने की बात कर रहे हैं।
नागपुर में राम कथा के दौरान बिगड़े बोल
उल्लेखनीय है कि 28 मार्च से 1 अप्रैल तक नागपुर में हुई राम कथा के दौरान बाबा बागेश्वर ने उक्त धमकी दी थी। जिसके बाद कई संतों ने बाबा बागेश्वर की इस धमकी पर नाराजगी व्यक्त की है। सबसे पहले पंडोखर सरकार ने यह कहा कि यदि पोल खोलनी है,तो पहले अपने सगे छोटे भाई की खोलें, जिस पर कई आरोप लग चुके हैं। इसके बाद लगातार संत समाज से संतों की प्रतिक्रिया आ रही हैं।
संत समाज ने की कड़ी आलोचना, कहा-कुछ भी बोलना
संत समाज ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के इस तरह की बातों की आलोचना और निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह की बातें सार्वजनिक मंचों से उचित नहीं हैं। इतना ही नहीं चर्चा अब यह भी होने लगी है कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हनुमान जी की आड़ में लोगों को कुछ भी कह देते हैं, यह ठीक नहीं है।
“ठठरी बरे” जैसे अशोभनीय शब्दों का प्रयोग ठीक नहीं
पहले भी कई बार सार्वजनिक मंच से लोगों को धीरेंद्र शास्त्री ठठरी बरे जैसे अशोभनीय शब्दों का प्रयोग कर पुकार चुके हैं, जो की ठीक नहीं होता है। बहरहाल, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शुरू से ही किसी न किसी विषय को लेकर चर्चा में बने रहते हैं, लेकिन अब पहली बार है जब उन्होंने अपने ही संत समाज को छेड़ दिया है, जिससे उन्हें लोग अब बर्दाश्त नहीं कर रहे हैं और यह मुद्दा बड़ा बनता जा रहा है।




















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