जबलपुर/न्यूज डेस्क। भारतीय जनता पार्टी जहां अपनी जीत को लेकर अभी से पुख्ता है। वहीं कांग्रेस में अभी भी अपने प्रत्याशियों को लेकर मध्यप्रदेश की कई सीटों पर चिंतन का विषय बना हुआ है। इसमें विशेष रूप से महाकौशल की सबसे प्रमुख सीट जबलपुर लोकसभा संसदीय सीट जहां 20 साल से राकेश सिंह काबिज रहे। इसे भाजपा से छुड़ाने अब यहां से कमलनाथ को प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर जबलपुर कांग्रेसियों ने मांग उठाई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता लक्ष्मी बेन ने इस कड़ी में सबसे आगे आकर पहल की है। श्री बेन का कहना है कि यदि जबलपुर लोकसभा संसदीय सीट से वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ को लोकसभा का प्रत्याशी बनाया जाएगा, तो यहां से उनकी जीत सुनिश्चित होगी और यह एक बड़ा अहम फैसला होगा। इस बात को लेकर कांग्रेसियों के ग्रुप में भी जमकर चर्चाएं चल रहे हैं और काफी लोग यह चाह भी रहे हैं कि जबलपुर लोकसभा संसदीय सीट से कमलनाथ ही चुनाव लड़ें। वैसे भी यह बात सर्वविदित है कि फिलहाल जबलपुर लोकसभा संसदीय सीट बीजेपी का गढ़ बन चुकी है और यहां से कोई भी कांग्रेस का यदि कमजोर प्रत्याशी उतरता है, तो एक बार फिर से कांग्रेस यह सोचना भी छोड़ दे की जबलपुर में उनका सांसद इस बार होगा। क्योंकि मौजूदा हालात अभी भाजपा के पक्ष में हैं और कांग्रेस यहां पर अभी काफी कमजोर नजर आ रही है। अब यह कांग्रेस के प्रत्याशी पर ही निर्भर करेगा कि वह भाजपा के घोषित हो चुके प्रत्याशी आशीष दुबे को कितनी चुनौती दे पाता है। ऐसे में देखा जाए यदि जबलपुर कांग्रेसियों का अपने नेता कमलनाथ को मजबूत प्रत्याशी के रूप में उतारे जाने की मांग उठ रही है तो यह गलत नहीं है। इसके साथ ही यदि ऐसा होता है तो मुकाबला भी जबलपुर लोकसभा संसदीय सीट पर बेहद रोमांचक होगा। उधर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कि इन तमाम बातों के बीच कमलनाथ की ओर से कहा गया है कि वह छिंदवाड़ा छोड़ने वाले नहीं हैं।




















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