-17 साल बाद NIA कोर्ट ने फैसला सुनाया
-कोर्ट के फैसले के बाद प्रज्ञा सिंह ठाकुर का बयान सामने आया
-जिसमें उन्होंने कहा कि आज भगवा की जीत हुई है।
डिजिटल डेस्क न्यूज़/नई दिल्ली/भोपाल।
देश के बहुचर्चित मालेगांव ब्लास्ट (Malegaon blast case)2008 केस में भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित समेत सातों आरोपियों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया। 17 साल बाद NIA कोर्ट ने फैसला सुनाया। कोर्ट के फैसले के बाद प्रज्ञा सिंह ठाकुर का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि आज भगवा की जीत हुई है।
कोर्ट के फैसले के बाद बोली साध्वी प्रज्ञा
एनआईए कोर्ट में न्यायाधीश को संबोधित करते हुए साध्वी प्रज्ञा ने कहा, “मैंने शुरू से ही कहा है कि जिन्हें जांच के लिए बुलाया जाता है, उसके पीछे कोई आधार होना चाहिए।
मुझे उन्होंने जांच के लिए बुलाया, गिरफ्तार किया और प्रताड़ित किया। इससे मेरा पूरा जीवन बर्बाद हो गया। मैं एक साधु का जीवन जी रही थी, लेकिन मुझे आरोपी बनाया गया और कोई भी स्वेच्छा से हमारे साथ खड़ा नहीं हुआ। मैं जीवित इसलिए हूं, क्योंकि मैं एक संन्यासी हूं। उन्होंने एक साजिश के तहत भगवा को बदनाम किया। आज भगवा की जीत हुई है, हिंदुत्व की जीत हुई है और जो दोषी हैं उन्हें भगवान सजा देंगे। हालांकि, जिन्होंने भारत और भगवा को बदनाम किया है, उन्हें आपने गलत साबित नहीं किया है।
कर्नल पुरोहित ने अदालत में कहा, “मैं आपको धन्यवाद देता हूं
लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित ने अदालत में कहा, “मैं आपको धन्यवाद देता हूं कि आपने मुझे उसी दृढ़ विश्वास के साथ अपने देश और अपने संगठन की सेवा करने का मौका दिया, जैसा मैं इस मामले में फंसाए जाने से पहले कर रहा था। मैं इसके लिए किसी संगठन को दोष नहीं देता। जांच एजेंसियों जैसे संगठन गलत नहीं हैं, लेकिन संगठन के अंदर के लोग ही गलत हैं। मैं आपको व्यवस्था में आम आदमी का विश्वास फिर से बहाल करने के लिए धन्यवाद देता हूं।
एनआईए कोर्ट ने इन्हें किया बरी
एनआईए कोर्ट ने मालेगांव विस्फोट मामले में बीजेपी की पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित, मेजर रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी को बरी कर दिया।














एनआईए कोर्ट में न्यायाधीश को संबोधित करते हुए साध्वी प्रज्ञा ने कहा, “मैंने शुरू से ही कहा है कि जिन्हें जांच के लिए बुलाया जाता है, उसके पीछे कोई आधार होना चाहिए।






Discussion about this post