यह रिपोर्ट 17 सितंबर को सामने आई है। इसमें बाघ-तेंदुए और चीतों के खाने को लेकर संतुलन बनाने पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट कहती है जब से प्रोजेक्ट चीता शुरू हुआ है, तभी से सैकड़ों चीतलों को मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व से निकालकर श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा गया। इसका उद्देश्य यह है कि चीते शिकार कर सकें और उन्हें भरपेट खाने को मिल सके।
भोपाल/न्यूज डेस्क। रिर्पोट : निखिल मिश्रा
मध्यप्रदेश में बसाए गए चीतों को लेकर केंद्र सरकार चिंतित है। पर्यावरण-वन मंत्रालय ने अपनी प्रोजेक्ट चीता की रिपोर्ट में हाल ही में यह बात कही है। बता दें यह रिपोर्ट 17 सितंबर को सामने आई है। इसमें बाघ-तेंदुए और चीतों के खाने को लेकर संतुलन बनाने पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट कहती है जब से प्रोजेक्ट चीता शुरू हुआ है, तभी से सैकड़ों चीतलों को मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व से निकालकर श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा गया। इसका उद्देश्य यह है कि चीते शिकार कर सकें और उन्हें भरपेट खाने को मिल सके।लेकिन, इस बीच तेंदुए बड़ी चुनौती बन रहे हैं. वे चीतलों के साथ-साथ हर उस तरह के जानवर का शिकार कर रहे हैं जो चीतों के लिए जरूरी है। इस चुनौती से निपटने के लिए रिपोर्ट में कहा गया है कि जल्द से जल्द और ज्यादा से ज्यादा चीतलों की ब्रीडिंग कराई जाए, उनकी संख्या बढ़ाई जाए।सरकार की इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगले एक दशक में कूनो नेशनल पार्क के अलावा मध्य प्रदेश और राजस्थान के जंगलों में जंगली जानवरों के आवास की व्यवस्था करनी चाहिए। प्रोजेक्ट चीता में अभी तक सफलता के संकेत मिले हैं।
यहां 12 नए शावकों ने जन्म लिया है। इसके बावजूद भी कई तरह की प्राकृतिक चुनौतियां हैं। कूनो नेशनल पार्क 1235 स्क्वेयर किमी में फैला है। आने वाले करीब 5 सालों में इस इलाके में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि चीतों को आवास मिल सके और उनके खाने यानी जानवरों की भी सुरक्षा हो सके।
- कूनो नेशनल पार्क से बाहर नजर डालें तो जंगली जानवरों के लिए 6800 स्क्वेयर किमी का इलाका मौजूद है। इसमें से 3200 स्क्वेयर किमी वो इलाका है, जो चीतों के लिए रहने के लिए सबसे ज्यादा उपयुक्त है।अगले दस सालों में मध्य प्रदेश से लेकर राजस्थान तक के इलाके को कूनो चीता लैंडस्केप की शक्ल दी जाएगी। इसके पहले चरण में गांधी सागर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में चार से पांच चीतों को बाड़े में छोड़ा जा सकता है। इससे चीतों की वहां भी संख्या बढ़ेगी। #कूनोनेशनलपार्क #चीताप्रोजेक्ट #mpnews #modisarkar




















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