जिस प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हुआ है,उसे पायलट कैप्टन सुमित कपूर और को-पायलट शांभवी पाठक उड़ा रहे थे।
डिजिटल डेस्क न्यूज़। महाराष्ट्र के बारामती में हुए प्लेन क्रैश मामले का ग्वालियर से जुड़ाव सामने आया है। इस चार्टर प्लेन में जहां महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सवार थे, वहीं इस प्लेन को ग्वालियर की बेटी शांभवी पाठक उड़ा रहीं थीं।
बता दें कि जिस प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हुआ है, उसे पायलट कैप्टन सुमित कपूर और को-पायलट शांभवी पाठक उड़ा रहे थे। इस दुर्घटना में इन दोनों की भी मृत्यु हो गई।
शांभवी के माता, पिता रौली और विक्रम पाठक वर्तमान में दिल्ली में निवासरत हैं। विक्रम पाठक इंडियन एयर फॉर्स में थे और उनके एक बेटा और बेटी हैं। उन्हीं में बेटी शांभवी थी।
फिलहाल ग्वालियर में शांभवी की दादी रहती हैं और शांभवी की प्रारंभिक शिक्षा ग्वालियर में ही हुई है। शांभवी इंजीनियर बनना चाहती थी और इंजीनियरिंग में सिलेक्शन होने के बाद उसका मन नहीं लगा तो वो बन गई। शांभवी की दादी मीरा पाठक का कहना है कि उसने सुबह 6 बजकर 40 मिनिट पर गुड मॉर्निंग का आखिरी मैसेज किया था, की दादी मीरा पाठक ने कहा- ‘मुझे इस घटना के बारे में सुबह करीब 11 बजे पता चला… मैं उनसे 12 अक्टूबर को मिली थी। वह क्लास 4-5 तक हमारे साथ रही। उसके बाद वह दिल्ली चली गई। शाम्भवी के माता-पिता दिल्ली में रहते हैं। उसका एक छोटा भाई है।
कैसे हुआ हादसा..?
हादसा सुबह करीब 8:45 से 9:15 बजे के बीच हुआ। अजित पवार मुंबई से बारामती में जिला परिषद चुनाव के लिए जनसभाओं को संबोधित करने जा रहे थे। बारामती रनवे पर लैंड करने की कोशिश के दौरान विमान तकनीकी खराबी का शिकार हो गया। वह रनवे पर उतरने के बजाय पास के एक खेत में जा गिरा। जमीन से टकराते ही विमान के परखच्चे उड़ गए और उसने भीषण आग पकड़ ली। मृतक पैसेंजर्स में, अजित पवार और विदीप जाधव शामिल थे।
DGCA ने की मौत की पुष्टि
नागरी विमान वाहतूक संचालनालय (DGCA) के अनुसार, इस हादसे में अजित पवार, उनके निजी सहायक (PA), सुरक्षा गार्ड और दोनों पायलटों सहित कुल 5 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। विमान जलकर पूरी तरह राख हो चुका है। DGCA ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं।
अजित पवार,बारामती में चार बड़ी सभाओं को संबोधित करने वाले थे
इधर, अजित पवार आज बारामती में चार बड़ी सभाओं को संबोधित करने वाले थे, जिसके लिए सुबह से ही समर्थकों का हुजूम जमा था,लेकिन सभा की खबर आने से पहले ही उनकी मौत की खबर ने पूरे राज्य में शोक की लहर बढ़ा दी है। घटनास्थल पर प्रशासन और राहत बचाव दल की टीमें मौजूद हैं।




















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