– सत्तारूढ़ मोदी सरकार के 9 जून को 11 साल पूरे हो रहे
– इस अवसर पर मोदी कैबिनेट में व्यापक फिर बदल के संकेत
– कैबिनेट में दर्जन भर नए चेहरों को जगह मिलने की संभावना
– रविशंकर प्रसाद की बिहार के चलते फिर लग सकती है लॉटरी
डिजिटल डेस्क न्यूज़। भारतीय जनता पार्टी और सत्तारूढ़ मोदी सरकार के 9 जून को 11 साल पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर मोदी कैबिनेट में व्यापक फिर बदल के संकेत मिल रहे हैं। जानकारी मिल रही है कि जुलाई के अंत तक मोदी कैबिनेट में व्यापक फिर बादल हो सकता है।
सूत्रों का दावा है कि कम से कम 11 केंद्रीय मंत्रियों को बाहर का दरवाजा दिखाया जा सकता है और उनकी जगह कैबिनेट में दर्जन भर नए चेहरों को जगह मिल सकती है। जिन मंत्रियों को हटाए जाने की आहट है उनमें से कइयों के कामकाज के एक साल का रिपोर्ट कार्ड तैयार है। इस बात के भी संकेत मिल रहे हैं कि पीएम मोदी तेदेपा-जदयू की बैसाखियों पर से भी अपनी निर्भरता कम करना चाहते हैं, इस परिप्रेक्ष्य में उनकी पूर्व में शरद पवार, अजित पवार के संग भी मुलाकातें हो चुकी हैं। केंद्र की सत्ता के करीबी माने जाने वाले देश के एक शीर्षस्थ उद्योगपति शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे के संपर्क में हैं और लगातार इस बात की संभावनाएं टटोली जा रही हैं कि बीएमसी चुनाव से पहले शिवसेना के दोनों गुट यानी उद्धव व शिंदे क्या फिर से साथ आ सकते हैं? क्योंकि भाजपा के अपने ही अंदरूनी सर्वे में यह तथ्य उभर कर सामने आया है कि बिना उद्धव को साधे सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए वृह्न मुंबई नगर पालिका का चुनाव जीतना आसान नहीं होगा। जुलाई के अंत तक कभी भी मोदी अपने कैबिनेट में एक व्यापक फेरबदल कर सकते हैं। संभावित मंत्रियों की सूची में कई चौंकाने वाले नाम हैं, वहीं आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर वरिष्ठ भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद की भी फिर से लॉटरी लग सकती है। उधर कई नए चेहरों को भी मोदी कैबिनेट में जगह मिलने के आसार लग रहे हैं।




















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