न्यूज डेस्क/भोपाल/जबलपुर।नर्मदा जयंती के अवसर पर आज शुक्रवार को मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों में कई विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अमरकंटक और नर्मदापुरम के दौरे पर रहेंगे। यहां पर वे मां नर्मदा माई की पूजा करेंगे और कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान वे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की सौगात भी देंगे। नर्मदा जयंती शुभ मुहूर्त माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 15 फरवरी को सुबह 10 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इसका समापन 16 फरवरी को सुबह 08 बजकर 54 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, नर्मदा जयंती 16 फरवरी को मनाई जाएगी।नर्मदा जंयती कथा स्कंद पुराण में नर्मदा नदी के धरती पर अवतरण की कथा मिलती है। कथा के अनुसार, राजा हिरण्यतेजा ने अपने पूर्वजों, पितरों का उद्धार करने के उद्देश्य से चौदह हजार वर्षों तक घोर तपस्या कर शिव भगवान को प्रसन्न किया। तब उन्होंने महादेव से नर्मदा जी को पृथ्वी पर लाने का वरदान मांगा। शिव जी के आदेश से नर्मदा जी मगरमच्छ पर विराजमान होकर उदयाचल पर्वत पर उतरीं और पश्चिम दिशा की ओर बहने लगीं।
ये कथाएं हैं प्रचलित
कथाओं के अनुसार एक बार भगवान शिव तपस्या में लेने थे, तो उनके पसीने से एक कन्या प्रकट हुई। इस कन्या का अलौकिक सौंदर्य था। तब भगवान शिव और माता पार्वती ने उनका नामकरण करते हुए कहा कि तुमने हमारे हृदय को हर्षित कर दिया है इसलिए आज से तुम्हारा नाम नर्मदा होगा। नर्मदा का शाब्दिक अर्थ है सुख देने वाली।वहीं, एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, देवताओं और राक्षसों के बीच कई युद्ध हुए, जिस कारण देवता भी पाप के भागीदार बन गए। इस समस्या को लेकर सभी देवता भगवान शिव की शरण में पहुंचे और उनसे इसका समाधान का उपाय पूछने लगे। इस पर भगवान शिव ने देवताओं के पाप धोने के लिए मां नर्मदा को उत्पन्न किया था।
राजस्थानी भोपाल में जहां नर्मदा भवन परिसर में मां नर्मदा की पूजा अर्चन कर विशाल भंडारी प्रसाद का आयोजन किया गया। वहीं प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी संस्कारधानी जबलपुर में जगह – जगह विशाल भंडारे के आयोजन किए गए और मां नर्मदा जी की प्रतिमाएं रखी गई। नर्मदा भक्तों ने यहां चुनरी भी चढ़ाई। ग्वारीघाट नर्मदा तट पहुंचकर मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने भी चुनरी चढ़ाई वहीं नर्मदा भक्तों का विशेष पूजन- पाठ नर्मदा तटों पर जारी है। नर्मदा भक्तों की मानें तो देर रात तक यह सिलसिला जारी रहेगा।




















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