प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रोड शो करने के बाद बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद लिया।
वहीं अगले दिन मंगलवार को वाराणसी से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
काशी/न्यूज डेस्क। काशी में पीएम मोदी ने पिछली बार भी अपने नामांकन से एक दिन पूर्व रोड शो किया था। वाराणसी के स्थानीय लोगों ने दावा किया कि 2014 और 2019 के रोड शो से भी ज्यादा लोग इस बार के रोड शो में उमड़ पड़े। पीएम मोदी ने इसके पहले 2014 और 2019 में वाराणसी लोकसभा सीट से चुनाव जीता और अबकी बार यहां से तीसरी बार उम्मीदवार हैं। पीएम मोदी ने उप्र में इस बार लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान के तहत गाजियाबाद से रोड शो की शुरुआत की थी और उसके बाद कानपुर, बरेली और अयोध्या में भी उन्होंने रोड शो किया।
इन सभी स्थानों पर पीएम मोदी वाहन पर सवार होते ही अपने हाथ में भारतीय जनता पार्टी का चुनाव चिह्न कमल लेकर लोगों का अभिवादन करते थे, लेकिन अपने संसदीय क्षेत्र में वह हाथ में कमल लेने की बजाय दोनों हाथ जोड़कर जनता का अभिवादन करते नजर आए। करीब छह किलोमीटर लंबे इस रोड शो के दौरान शहनाई की धुन, शंखनाद, ढोल की थाप और मंत्रोच्चार के बीच पूरी यात्रा काशी की संस्कृति में रची-बसी नजर आई।
पीएम मोदी हाथ हिलाकर सबका अभिवादन कर रहे थे। इस दौरान ‘हर घर मोदी-हर हर मोदी’ और ‘अबकी बार-400 पार’ का नारा भी गूंज रहा था। काशी अग्रवाल समाज के लोगों ने पीएम मोदी का स्वागत किया। रोड शो मालवीय चौराहा से संत रविदास गेट, अस्सी, शिवाला, सोनारपुरा, जंगमबाड़ी, गोदौलिया होते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम तक गया।
रोड शो के मार्ग पर 11 बीट के अन्तर्गत लगभग 100 बिंदु बनाए गये हैं, जिन पर मराठी, गुजराती, बंगाली, माहेश्वरी, मारवाड़ी, तमिल, पंजाबी आदि समाज के लोग अपनी परंपरागत वेशभूषा में पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए कतारबद्ध खड़े हैं।
शहनाई, शंखनाद, डमरू दल के साथ काशी की जनता के साथ ही कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारी प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए कतारबद्ध खड़े रहे।




















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