भोपाल। मध्यप्रदेश में अब राजस्व संबंधी कामकाज के लिए आम नागरिकों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रक्रिया को और भी आसान कर दिया है। अब तहसील स्तर पर ही समाधान होगा। प्रदेश के सभी जिलों में साइबर तहसील व्यवस्था का शुभारंभ केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव उज्जैन जिले से करेंगे। साइबर तहसील स्थापित होने से आम नागरिकों की राजस्व संबंधी सारी मुश्किलें दूर हो जाएंगी। इसके माध्यम से ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कर सकेंगे, अंतिम आदेश की कॉपी ई- मेल या व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदक को मिलेगी। आदेश पारित होते हैं भू- अभिलेख खसरे नक्शे में स्वतः सुधार होगा। आदेश एवं राजस्व अभिलेखों में अमल की प्रक्रिया सरकारी छुट्टियां को छोड़कर 15 दिनों में पूरी होगी। इस नई व्यवस्था में क्षेत्राधिकार की सीमाओं को भी समाप्त किया गया है। इस प्रणाली से रियल टाइम में भू-अभिलेख अपडेट किए जाने की अनूठी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसमें पटवारी का हस्तछेप भी समाप्त होगा। इस व्यवस्था में पटवारी रिपोर्ट ऑनलाइन जमा करने की भी सुविधा है। पहले इस पूरी प्रक्रिया में महीनों गुजर जाते थे, लेकिन अब औसतन 15 दिनों में ही यही प्रक्रिया साइबर तहसील के माध्यम से पूरी की जाएगी। इतना ही नहीं साइबर तहसील द्वारा आदेश की पीडीएफ प्रति आवेदक को ई-मेल व्हाट्सएप से मिलेगी। इसकी प्रति RCMS पोर्टल पर भी उपलब्ध होगी।
देश में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है और मध्यप्रदेश भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
डिजिटल डेस्क, भोपाल/नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17 अगस्त को नई दिल्ली में राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर...


















Discussion about this post