डिजिटल डेस्क मिरर। संसद का बजट सत्र जारी है। साथ ही हमेशा की तरह हंगामा भी बरकरार है। परंतु इस बार हंगामा और रस्साकसी किसी मुद्दा विशेष को लेकर नहीं बल्कि श्वेत और श्याम पत्र के बीच है। भाजपा जहां श्वेत पत्र जारी कर रही है, तो कांग्रेस ने श्याम पत्र यानी ब्लैक पेपर जारी किया है। उल्लेखनीय है कि एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करने के दौरान कहा था कि मोदी सरकार यूपीए सरकार की नाकामियों पर श्वेत पत्र लेकर आएगी। वित्त मंत्री के एलान के बाद आज संसद में श्वेत पत्र पेश किया जाएगा। श्वेत पत्र को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
जानिए श्वेत पत्र क्या होता है…?
जानकारी के अनुसार श्वेत पत्र के माध्यम से यूपीए और एनडीए सरकार के कार्यकाल में हुए कार्यों की तुलना की जाएगी। साथ ही सरकार अपने कार्यकाल में उठाए गए सकारात्मक कदमों के बारे में भी बताएगी। श्वेत पत्र एक रिपोर्ट होती है, जिसके जरिए सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया जाता है। श्वेत पत्र में शामिल दस्तावेज कई रंगों में होते हैं। इन्हीं रंगों के हिसाब से दस्तावेजों का वितरण किया जाता है।
पहली बार ब्रिटेन में लाया गया था श्वेत पत्र
उल्लेखनीय है कि सरकार के अलावा कोई भी कंपनी, या संस्था श्वेत पत्र ला सकती है। आमतौर पर कंपनियां इसके जरिए अपनी स्थिति के बारे में बताती हैं। इससे कंपनी के ग्राहकों और उत्पादों के बारे में विस्तृत जानकारी भी मिलती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 1922 में ब्रिटेन में पहली बार श्वेत पत्र लाया गया था।
कांग्रेस ब्लैक पेपर लेकर आई
श्वेत पत्र के जवाब में कांग्रेस ब्लैक पेपर लेकर आई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को ब्लैक पेपर जारी किया। खरगे ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र को खत्म कर रही है। इसके अलावा रोजगार, बेरोजगारी, महंगाई का मुद्दा उठाया।




















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