हिंद महासागर में उठे शक्तिशाली चक्रवात दितवाह ने देश के पूर्वी तट पर दस्तक दी। इसके बाद वहां मूसलाधार बारिश होने लगी।
NDRF और भारतीय वायुसेना के जवान लोगों की जान बचाने में श्रीलंकाई अधिकारियों की सहायता के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं।
डिजिटल डेस्क न्यूज़। चक्रवाती तूफान दितवाह ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है। दितवाह के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 330 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है जबकि इससे अधिक संख्या में लोग लापता हैं। इस चक्रवाती तूफान ने श्रीलंका को बुरी तरह झकझोर दिया है। इसके कारण लाखों लोग बेघर हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट और तमाम सूत्रों के आधार पर श्रीलंका के आपदा प्रबंधन केंद्र (DMC) ने बताया कि दितवाह के चलते 9,98,918 लोग प्रभावित हुए हैं।

हिंद महासागर में उठे शक्तिशाली चक्रवात दितवाह ने शुक्रवार को देश के पूर्वी तट पर दस्तक दी। इसके बाद वहां मूसलाधार बारिश होने लगी। राजधानी कोलंबो में केलानी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। इसके बाद वहां बाढ़ आ गई। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने शनिवार को पूरे देश में आपातकाल घोषित कर दिया और अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील की.श्रीलंका सरकार ने विदेश में रहने वाले नागरिकों से दान करने की अपील की है। इसके बाद भारत ने तुरंत पड़ोसी देश को मदद भेजी। भारतीय वायुसेना के दो विमानों ने कोलंबो में राहत सामग्री पहुंचाई। NDRF और भारतीय वायुसेना के जवान लोगों की जान बचाने में श्रीलंकाई अधिकारियों की सहायता के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं।
भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत एनडीआरएफ के 80 कर्मियों के दो तलाश एवं बचाव दलों को श्रीलंका भेजा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका में आई इस तबाही को लेकर चिंता जताई और कहा कि भारत हर संभव सहायता के लिए तैयार है. वहीं, अमेरिका ने भी विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के जरिए सहायता दी। यूएस राजदूत जूली चंग ने ट्वीट कर कहा कि हम श्रीलंका के लोगों के साथ खड़े हैं।
श्रीलंका में चक्रवात दितवाह के कारण कोलंबो हवाई अड्डे पर फंसे 320 से अधिक भारतीय नागरिकों को रविवार को वापस उनके देश भेज दिया गया।




















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