
न्यूज डेस्क/भोपाल। सतपुड़ा भवन की चौथी मंजिल में मंगलवार की शाम करीब 4.15 बजे के अचानक आग के शोले भडक़ उठे। इस भवन के पश्चिमी खंड स्थित चौथी मंजिल में पड़ी अधजली फाइलों व फर्नीचर से आग की लपटें व धुआं उठते ही मौके पर सफाई कार्य करते मजदूर भाग निकले। इन मजदूरों की सूचना पर सुरक्षा अमले ने फायर ब्रिगेड और अधिकारियों को घटना की सूचना दी। इससे मंत्रालय, विंध्याचल भवन सहित समूचे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
सतपुड़ा भवन में पड़ी राख में आग लगने की खबर पाकर फायर ब्रिगेड का एक वाहन सायरन बजाते हुए मौके पर पहुंचा। सतपुड़ा भवन के मुख्य गेट से अंदर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने तत्परता से आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। साथ ही अन्य गाडिय़ां मौके पर बुला भेजीं। इससे एक के बाद एक फायर ब्रिगेड की कुल 5 गाडिय़ां यहां पहुंच गईं। यह गाडिय़ां सतपुड़ा भवन के पश्चिमी खंड के पीछे खड़ी रहीं। फायर ब्रिगेड की 10 सदस्यीय टीम चौथी मंजिल पर राख में दबी आग को बुझाने में जुटी रही। करीब आधा घंटे पानी की बौछारें छोडऩे के बाद फायर ब्रिगेड कर्मी व वहां मौजूद अधिकारी संतुष्ट हो गए कि आग पूरी तरह से बुझ चुकी है। इस घटना में किसी तरह जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। तो घटना का कारण अधजली फाइलों पर किसी मजदूर द्वारा जलती बीड़ी फेंक दिया जाना बताई जा रही है।
डायरेक्टर हेल्थ का रहा ऑफिस
विदित हो कि सतपुड़ा भवन की चौथी मंजिल पर गत 12 जून 2023 को भीषण आग लगी थी। तब यानि 252 दिन पहले इसी जगह डायरेक्टर हेल्थ का ऑफिस संचालित होता था। अग्नि दुर्घटना में हेल्थ ऑफिस की महत्वपूर्ण फाइलें, फर्नीचर, बिजली के उपकरण आदि जल गए थे। उक्त घटना के बाद अब यहां अधजली फाइलें, फर्नीचर, राख कचरे के तौर पर पड़ी है।
कचरे की सफाई कराने दिया ठेका
सतपुड़ा भवन के पश्चिमी खंड की तीसरी व चौथी मंजिल में पड़ी राख और कचरे की सफाई कराने डायरेक्टर हेल्थ विभाग ने ठेका दिया है। वर्तमान में यहां ठेकेदार के मजदूर सफाई कार्य कर रहे हैं, जो कि आज आग लगने से पहले यहां मौजूद रहे।
शासन के निर्देश पर हुई थी जांच
मप्र शासन के निर्देश पर सतपुड़ा भवन में करीब 9 माह पहले आग लगने की घटना की जांच के लिए गृह विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की गई। उक्त कमेटी ने घटना की जांच करने के दौरान 287 पेज की रिपोर्ट तैयार करके शासन को सौंप दी। घटना के सिर्फ 5 दिन बाद ही शासन को दी गई इस रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही का खुलासा हुआ था।




















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