डिजिटल डेस्क न्यूज/भोपाल। मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा Twisha Sharma मौत मामले मे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल गईं पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह Giribala Singh और पति समर्थ सिंह Samarth Singh की जेल में पहली रात अच्छी रही। दोनों मां-बेटे अच्छे से सोये और सुबह जल्दी उठे। जेल पहुंचने के बाद गिरिबाला सिंह ने महिला प्रहरी से सबसे पहले जेल की दिनचर्या के बारे में जानकारी ली, उन्होंने महिला प्रहरी से पूछा कि यदि वह सुबह जल्दी उठती हैं, तो इससे किसी को कोई आपत्ति तो नहीं होगी जेल स्टाफ ने उन्हें नियमों और व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए आश्वस्त किया।

सुबह जल्दी उठे, नाश्ते में खाया नमकीन दलिया
रात को दोनों ने जेल में नाश्ते में नमकीन दलिया खाने के बाद चाय पी, फिर लंच में 11 बजे करेला की सब्जी, दाल रोटी खाई, सभी से अच्छे से बातचीत भी की। कोई तनाव नजर नहीं आया, बल्कि जेल अधिकारियों से बातचीत भी अच्छे से की और उनसे कहा कि सब तरह का समय आता है, निकल जाता है।
सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा
पूर्व न्यायिक अधिकारी होने के कारण गिरिबाला सिंह की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है,उन्हें महिला बैरक से कुछ दूरी पर स्थित सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, जहां उनकी गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल उन्हें जेल के भीतर किसी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है, क्योंकि वह अभी दोषी सिद्ध नहीं हुए हैं। वहीं दूसरी और आरोपी समर्थ सिंह को सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मद्देनजर जेल अधीक्षक ने उन्हें भी अन्य बंदियों से अलग रखने का फैसला लिया है।
12 मई से अब तक एक नज़र

– 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में मॉडल और अभिनेत्री Twisha Sharma मृत पाई गईं। शुरुआत में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन परिवार ने दहेज उत्पीड़न और हत्या की आशंका जताई।
– मामले ने राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया और बाद में Central Bureau of Investigation (CBI) ने जांच अपने हाथ में ली।
– CBI ने पति Samarth Singh और सास Giribala Singh से पूछताछ की। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत रद्द होने के बाद गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया गया।
– हाल ही में CBI ने 80 किलोग्राम के डमी पुतले का उपयोग कर घटनास्थल का पुनर्निर्माण (crime scene recreation) किया, ताकि यह जांचा जा सके कि आरोपियों द्वारा बताई गई घटनाओं की कहानी व्यवहारिक रूप से संभव थी या नहीं।
– जांच एजेंसी डिजिटल सबूतों, डिलीट किए गए संदेशों, मोबाइल डेटा और फोरेंसिक साक्ष्यों पर विशेष ध्यान दे रही है। कुछ रिपोर्टों में गायब सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है।
– 2 जून को CBI रिमांड समाप्त होने के बाद अदालत में सुनवाई हुई। रिपोर्टों के अनुसार एजेंसी ने आगे की न्यायिक प्रक्रिया के लिए आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया।
– मामला अभी भी जांच के अधीन है। CBI ने अभी तक अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है कि यह आत्महत्या, दहेज मृत्यु या हत्या का मामला है।



















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