भोपाल। प्रेम और मोहब्बत जैसी बातों की आड़ में फूहड़ता और बेतुकी बातों और कुसंस्कृति को बढ़ावा देता वैलेंटाइन डे हर बार की तरह इस बार भी विरोध करने वालों की नजर में है।
वैलेंटाइन डे का विरोध करने वाले संगठनों ने खुलेतौर पर कहा है कि यदि इस दिन प्रेम जैसे पवित्र शब्द और प्यार मोहब्बत की आड़ में कुछ भी अशोभनीय हरकत दिखेगी, तो इसके खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी और करवाई करवाई जाएगी। इस मौके पर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने नारे बुलंद करते हुए कहा कि जहां कहीं भी सोना बाबू नजर आएंगे तोड़ दिया जाएंगे कोना कोना, कई जिलों से इस तरह के नारे भी नजर आए, जहां देखेंगे सोना बाबू तोड़ देंगे कोना-कोना। उल्लेखनीय है कि वैलेंटाइन डे के दिन खासतौर पर प्रेमी युगल प्रेम का अतिरेक प्रदर्शन कर जश्न मनाते हैं, विशेष रूप से इश्क फरमाते नजर आते हैं, जबकि यह विदेशी संस्कृति का हिस्सा है। भारतीय संस्कृति इसके खिलाफ रही है, अक्सर इसका विरोध भी होता रहा है।
बसंत पंचमी में हुई मां सरस्वती की पूजन
वहीं दूसरी ओर वैलेंटाइन डे पर विश्वास न करने वाले ऐसे लोग भी रहे जिन्होंने बाकायदा पंचांग के हिसाब से 14 फरवरी को आज बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की आराधना की, और सुबह से सरस्वती जी का पूजन किया। साथ ही वैलेंटाइन डे का बहिष्कार करते हुए कहा कि हमें भारतीय संस्कृति के अनुरूप चलना चाहिए और जो बसंत पंचमी के अवसर पर मां सरस्वती जी का पूजन अर्चन कर उनसे बुद्धि और ज्ञान का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए ना कि वैलेंटाइन डे जैसे कार्यक्रमों पर ध्यान देकर गलत दिशा में जाना चाहिए।




















Discussion about this post