केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि दिल्ली और मुंबई में हुए रोड शो के आधार पर करीब 5,500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं।
अब तक करीब 24 कंपनियों की ओर से लगभग 5,500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं।
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ग्वालियर। मध्य प्रदेश का ग्वालियर जल्द ही टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग के बड़े केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ग्वालियर के श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (SADA) में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) के लिए चिन्हित भूमि का केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय दूरसंचार विभाग के सचिव सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थल का जायजा लिया और परियोजना को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
ग्वालियर में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को लेकर निवेशकों की ओर से बड़ी रुचि सामने आई है। अब तक करीब 24 कंपनियों की ओर से लगभग 5,500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इन निवेश प्रस्तावों के आधार पर परियोजना से करीब 18 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई जा रही है। दिल्ली और मुंबई में आयोजित निवेशक बैठकों के बाद परियोजना के लिए निवेश प्रतिबद्धताओं में बढ़ोतरी हुई है।
SADA में चिन्हित जमीन का किया निरीक्षण
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने SADA में प्रस्तावित TMZ के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से परियोजना की तैयारियों, भूमि आवंटन और बुनियादी ढांचे से संबंधित जानकारी ली। केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार के बीच इस परियोजना को लेकर जुलाई 2026 में एमओयू भी हो चुका है। प्रस्तावित जोन को एक एकीकृत औद्योगिक क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाना है।
कंपनियों को जमीन आवंटन के बाद होगा भूमिपूजन
निरीक्षण के दौरान सिंधिया ने कहा कि फिलहाल बेंगलुरु में रोड शो किया जा रहा है। इसके बाद निवेश करने वाली कंपनियों को उपलब्धता के अनुसार जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों को जमीन आवंटित हो जाएगी, उनके साथ मुख्यमंत्री और वे स्वयं टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का भूमिपूजन करेंगे।
टेलीकॉम से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा
प्रस्तावित TMZ में टेलीकॉम उपकरण, मोबाइल डिवाइस, ऑप्टिकल फाइबर, इलेक्ट्रॉनिक्स और इससे जुड़े अन्य उत्पादों के निर्माण के साथ रिसर्च एवं डेवलपमेंट की सुविधाएं विकसित करने की योजना है। आधिकारिक योजना के अनुसार यहां कॉमन टेस्टिंग लैब और सर्टिफिकेशन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जानी हैं, ताकि देश में टेलीकॉम उत्पादों के निर्माण और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिल सके।
5500 करोड़ का निवेश ग्वालियर के लिए बड़ी सौगात: सिंधिया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि दिल्ली और मुंबई में हुए रोड शो के आधार पर करीब 5,500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इससे लगभग 18 हजार रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सिंधिया ने इसे ग्वालियर के लिए बड़ी सौगात बताया और कहा कि परियोजना के जरिए शहर को टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में नई पहचान मिल सकती है।
350 एकड़ में विकसित होगा TMZ
केंद्र सरकार के अनुसार ग्वालियर का टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन करीब 350 एकड़ के प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक क्लस्टर के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इसमें विनिर्माण के साथ रिसर्च, इनोवेशन और टेलीकॉम तकनीक से जुड़ी गतिविधियों के लिए इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा।
तेजी से आगे बढ़ रहा काम
टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए सितंबर 2026 में मध्य प्रदेश सरकार की ओर से करीब 91.61 करोड़ रुपए के पैकेज का EPC टेंडर भी जारी किया गया है।




















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