– 3 माह के लिए पेश किए बजट में किसी प्रकार का टैक्स नहीं बढ़ाया
– नर्सिंग होम और हॉस्पिटल में बेड के हिसाब से लगेगी लाइसेंस फीस, बहुमत से प्रस्ताव पारित
भोपाल। नगर निगम भोपाल के सभागृह में शनिवार को परिषद का साधारण सम्मिलन आहूत किया गया। यह सम्मिलन शुरू से लेकर अंत तक विपक्ष के आरोपों व विरोध के चलते हंगामा, शोरशराबे से भरपूर रहा। इस दौरान सत्तापक्ष से महापौर मालती राय ने 3 माह के लिए 808 करोड़ 87 लाख 48 हजार रुपए का अंतरिम बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष 2024-25 के इस अंतरिम बजट में कोई टैक्स नहीं बढ़ाया गया। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की अध्यक्षता में सम्मिलन में नर्सिंग होम और हॉस्पिटल में बेड के हिसाब से लाइसेंस फीस का प्रस्ताव बहुमत से पास हुआ है।
महापौर मालती राय ने सदन में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने वाली है। ऐसे में नया बजट नहीं ला पा रहे थे। इसलिए 3 महीने के लिए अंतरिम बजट लाए हैं। उन्होंने शहर में स्ट्रीट डॉग के कारण नागरिकों की परेशानी व बीती घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि नगर निगम ने एक विटनरी डॉक्टर की और नियुक्ति की है। वहीं नगर निगम क्षेत्र में 3 स्थानों पर डॉग ट्रीटमेंट सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से एक सेंटर पर 100 डॉग रखने और उनके ट्रीटमेंट की व्यवस्था है, जिसे दोगुना करने का काम चल रहा है।
ईपीएफओ ने 21 करोड़ का जुर्माना लगाया
सम्मिलन में भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव के तेवर भी उग्र रहे। उन्होंने निगम कर्मचारियों के पीएफ की राशि जमा नहीं करने को लेकर अपनी ही परिषद के मेंबर को घेर लिया। एमआईसी मेंबर जितेंद्र शुक्ला से कहा कि निगम कर्मचारियों की पीएफ राशि जमा नहीं होने पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 21 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है।
147 करोड़ रुपए का अग्रिम भुगतान
इससे पहले भाजपा पार्षद भार्गव ने नगर निगम के एक ठेकेदार को 147 करोड़ रुपए का अग्रिम भुगतान करने और अगली बैठक में सबूत पेश करने कहा। भाजपा पार्षद के बात रखने के बाद विपक्ष ने भी सत्ता पक्ष को घेर लिया। विपक्ष के पार्षद एकजुट होकर अध्यक्ष की आसंदी के सामने आ गए। साथ ही इस घटना को निगम का बड़ा भ्रष्टाचार बताकर विरोध किया।
मेरा कथन गलत, तो करें कार्रवाई
एमआईसी मेंबर जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि 147 करोड़ रुपए का कोई भुगतान नहीं हुआ, सब भ्रामक है। तब भार्गव ने कहा कि यदि मेरा कथन गलत है तो मुझ पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके बाद सत्ता पक्ष के सदस्यों की आधा घंटे तक बहस और विपक्ष का विरोध जताने का क्रम चला।
हमारे राम आए हैं…
नगर निगम परिषद के साधारण सम्मिलन की शुरूआत वंदेमातरम से हुई। इसके तुरंत बाद नगर निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कहा कि हमारे राम आए हैं…। सभापति व अध्यक्ष की बात का सत्तापक्ष और विपक्ष ने मेजे थपथपाकर स्वागत किया। साथ ही जय श्री राम के जयकारे लगाए।इसके बाद सभापति सूर्यवंशी ने सत्तापक्ष की ओर से प्रस्ताव का जिक्र किया। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने उग्र तेवर दिखाते हुए विरोध जताया और सदन में हंगामे की शुरुआत हो गई। विपक्ष के पार्षद विरोध जताने गर्भगृह में पहुंच गए। कांग्रेस पार्षदों ने महापौर पर भेदभाव का आरोप लगाया।
महापौर ने नहीं दिया मौखिक जवाब
वार्ड क्रमांक 35 की कांग्रेस पार्षद शिरीन खान ने सदन में सुझाव देते हुए प्रश्न रखा कि पटाखा फैक्ट्री, खतनाक कैमिकल इंडस्ट्री को नगर निगम सीमा से बाहर ले जाना चाहिए। वर्तमान में निगम सीमा में कितनी फैक्ट्री हैं, जो बिना लायसेंस के चल रहीं हैं। हरदा विस्फोट के बाद निगम प्रशासन ने इन फैक्ट्रियों पर क्या कार्रवाई की। पार्षद शिरीन के सवाल पर महापौर मालती राय ने मौखिक जवाब नहीं दिया। इसपर कांग्रेस पार्षदों ने सदन में जमकर विरोध जताया और गर्भगृह में करीब 20 मिनट तक जमीन पर बैठे रहे।




















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