अद्भुत सयोंग : पहले लगा चन्द्र ग्रहण, अब 8 अप्रैल को लगेगा सूर्य ग्रहण, 9 अप्रैल से चैत्र नवरात्र
न्यूज डेस्क/धर्म मिरर। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण लगने की घटना के कई मायने हैं। इस घटना को ज्योतिष शास्त्र गंभीरता से लेता है। शास्त्र से इतर वैज्ञानिक दृष्टि से ग्रहण को खगोलीय घटना माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक 15 दिनों के अंतराल पर सूर्य और चंद्र ग्रहण दोनों लग रहा है। चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा तिथि के दिन लगता है,जबकि सूर्य ग्रहण अमावस्या तिथि को पड़ता है।बीते 25 मार्च को साल 2024 का पहला चंद्र ग्रहण लगा था वहीं अब आगामी 8 अप्रैल को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने वाला है। लेकिन इसका नवरात्र पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।हिंदू पंचांग के मुताबिक 8 अप्रैल को साल का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है। यह ग्रहण रात्रि 9:12 से प्रारंभ होकर मध्य रात्रि 1:25 पर खत्म होगा। इसके अगले दिन 9 अप्रैल से चैत्र माह की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत होगी। इसी दिन नवरात्रि का शुभारंभ होगा और कलश की स्थापना की जाएगी और इसी दिन से हिंदू नव वर्ष की शुरुआत भी हो रही है।
9 अप्रैल को शुरू होगी चैत्र नवरात्रि, नहीं पड़ेगा कलश स्थापना पर कोई प्रभाव
पंचांग के अनुसार चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 8 अप्रैल को रात्रि 11:55 से शुरू होगी। वहीं समापन 9 अप्रैल को रात्रि 9:30 पर होगा। उदय तिथि के मुताबिक चैत्र नवरात्रि 9 अप्रैल को शुरू होगा और 9 अप्रैल को सुबह कलश स्थापना भी किया जाएगा। जिसका शुभ मुहूर्त दोपहर 11:35 से लेकर 12:24 तक रहेगा। ज्योतिष विद्वानों की मां ने तो ग्रहण का कलश स्थापना पर नहीं पड़ेगा किसी प्रकार का प्रभाव, बल्कि उपासक शांत भाव से उपासना कर सकते हैं।




















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