डीईओ अजय कटियार के द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रतिदिन दिन 9 घंटे तक शिक्षक भिखारियों को खोजेंगे।
ऐसे छोटे बच्चे, जो भीख मांगकर जीवन यापन कर रहे हैं अथवा उनके मां-बाप उनसे भीख मंगवा रहे हैं।
इस प्रकार के बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए उन्हें चिन्हित करना होगा।
ग्वालियर/न्यूज डेस्क। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के डीईओ का एक आदेश इन दिनों सुर्खियों में है। दरअलस, आदेश के अनुसार, शिक्षकों की ड्यूटी अब भिखारियों को तलाशने के लिए लगाई गई है, जिसमें शिक्षकों के साथ साथ कुछ स्कूल के प्रिंसिपल भी शामिल हैं। प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच भिखारियों को तलाशने की ड्यूटी को लेकर शिक्षकों में रोष है।
शिक्षकों की नाराजगी इस बात को लेकर है कि शिक्षा के अलावा उनसे हर तरह के कार्यों में ड्यूटी लगाई जा रही है, जो गलत है। शिक्षक फैसले का विरोध कर रहे हैं। वहीं, ज्वाइंट डायरेक्टर दीपक पांडे का कहना है कि डीईओ ने यह आदेश कलेक्टर के निर्देश पर जारी किया है। डीईओ अजय कटियार के द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रतिदिन दिन 9 घंटे तक शिक्षक भिखारियों को खोजेंगे। ऐसे छोटे बच्चे, जो भीख मांगकर जीवन यापन कर रहे हैं अथवा उनके मां-बाप उनसे भीख मंगवा रहे हैं। इस प्रकार के बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए उन्हें चिन्हित करना होगा।
आदेश में महिला-बाल विकास विभाग के विशेष अभियान का जिक्र है, जिसमें कुछ प्राचार्यों के साथ कुछ कर्मचारियों को शामिल किया गया है। डीईओ का कहना है कि भिक्षावृत्ति पर रोक लगाने और भिखारियों को मुख्य धारा में लाने के लिए यह काम शिक्षकों को सौंपा गया है।इधर, शिक्षक संगठनों का कहना है कि पिछले साल ही हाईकोर्ट यह आदेश दे चुका है कि गैर शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी न लगाई जाए, उसके बाद इस इस तरह के कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। इसके अलावा भी हर विभाग के काम शिक्षकों को ही सौंपे जा रहे हैं। इसलिए यह आदेश तुरंत ही वापस लिया जाना चाहिए।
शिक्षकों ने यह भी बताया, बोले – यह कोई पहला आदेश नहीं
शिक्षकों का कहना है कि यह कोई पहला आदेश नहीं है। इससे पहले भी शिवपुरी में शराब ठेकों पर ड्यूटी, सामूहिक विवाह आयोजनों में भोजन में भोजन परोसने और शिव महापुराण कथा में भी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। ये सभी काम शिक्षा विभाग से जुड़े नहीं है, ऐसे में इस तरह के कामों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाना उचित नहीं है।




















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