बड़ा खुलासा, प्रेमी के साथ मिलकर उतारा था मौत के घाट
जबलपुर/ न्यूज़ डेस्क। मध्यप्रदेश के जबलपुर में बीते 14 मार्च की दरमियानी रात सिविल लाइन थाना अंतर्गत रेलवे कॉलोनी में बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। इस दोहरे हत्याकांड में कातिल कोई और नहीं बल्कि एक बदनसीब बाप की बेटी ही निकली। जिसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार दरअसल,बाप बेटे के इस हत्याकांड में यह बात सामने आई है कि मृतक राजकुमार को इस बात का डर था कि उसकी लड़की कभी भी भाग सकती है। लिहाजा मृतक राजकुमार घर के दोनों दरवाजों पर ताला लगाकर चाबी को तकिए के नीचे रखता था ताकि उसके रात में सोने के दौरान लड़की भाग ना सके और यही वजह थी कि आरोपी ने हत्या की साजिश रची और आरोपी ने गैस कटर से घर के पीछे लगा नेट और लोहे का दरवाजा काटकर अंदर घुसा और फिर राजकुमार और उसके बेटे की हत्या की फिर मृतक के सिराने में रखी मेन डोर की चाबी लेकर ताला खोला और उसी ताले को बाहर से लगाकर दोनों फरार हो गए।
पिता से ज्यादा खतरनाक थी बेटी की प्लानिंग
एक तरफ मृतक अपनी फरार बेटी की जिंदगी को संवारने की प्लानिंग कर रहा था, तो वहीं दूसरी तरफ प्रेमी युगल साथ घर बसाने की प्लानिंग कर रहा था। लेकिन जब फरार लड़की और आरोपी अपने प्लान में नाकाम होते नजर आए तो दोनों ने मिलकर मृतक राजकुमार को जिंदगी के रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। इतना ही नहीं इसके पहले भी फरार बेटी ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ भागने की कई नाकाम कोशिश की, लेकिन बाप का पहरा इतना सख्त था कि बेटी चाह कर भी अपने प्लान में सफल नहीं हो पाई। यहां तक कि जब बेटी के दसवीं के पेपर चल रहे थे तब भी मृतक राजकुमार साए की तरह उसके साथ जाता था और लड़की को अपने साथ ही घर लाता था। यही नहीं मृतक जब ऑफिस जाता तो घर में बाहर से ताला लगा कर जाता। मृतक रविवार को छुट्टी वाले दिन 17 मार्च को बेटी को हमेशा के लिए पिपरिया में अपने छोटे भाई बाबूलाल विश्वकर्मा के यहां छोड़ने वाला था। यही वजह थी की अपने पिता के प्लान को सफल होने से एक दिन पहले फरार लड़की ने अपने आरोपी प्रेमी के साथ मिलकर पिता को मौत के घाट उतार हमेशा हमेशा के लिए अपनी जिंदगी का कांटा निकाल दिया।
हत्या वाले दिन पूरी रात नहीं सोया आरोपी
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मालूम हुआ है कि आरोपी घटना वाले दिन पूरी रात नहीं सोया था। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार आरोपी रात को तकरीबन 2 बजे घर से निकलता है उसके बाद सीधा 2.2 मिनट पर कॉलोनी के गेट पर बने चौकी पर पहुंचता है. जहां पर वह दरवाजा खोल कर देखता है कि चौकीदार सो रहा है कि नहीं… जब उसे इस बार की तसल्ली हो जाती है कि चौकीदार सो रहा है, तभी वो अपने प्लान को अंजाम देने में जुट जाता है। इसके बाद आरोपी गैराज में पहले से रखे गैस कटर और हथियार को एक एक कर मृतक के घर तक पहुंचाता है और सुबह होने के पहले पहले आरोपी पीछे के रास्ते से ऊपर चढ़ता है फिर गैस कटर से पीछे लगा नेट और लोहे का दरवाजा काटता है। जिसके बाद अंदर घुसकर पहले लड़की के पिता की हत्या करता है, उसके बाद लड़की के 8 साल के भाई को भी मार डालता है। मृतक राजकुमार के पास रखी मेन डोर की चाबी लेकर लड़की के साथ फरार हो जाता है।
आरोपी ने वारदात को अंजाम देने पहले गैस कटर चलाना सीखा
यहां हैरत की बात यह है कि जिस प्रोफेशनल तरीके से आरोपी ने मृतक के घर के दो-दो दरवाजे काटकर घर के अंदर घुसा था। उससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि आरोपी ने इस घटना को अंजाम देने के पहले बाकायदा गैस कटर चलाना भी सीखा था और उसके बाद उसने गैस कटर लाकर गैराज में छुपा कर रख दी थी। जिसके बाद इस वारदात को अंजाम दिया।बता दें कि इस दोहरे हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपी और उसकी प्रेमिका के पुणे में ट्रैप होते ही उसके पिता आर पी सिंह रेलवे अस्पताल में भर्ती हो गए, आरोपी के पिता 18 मार्च को सुबह 9:20 पर रेलवे अस्पताल में यह कहकर भर्ती हुए कि उन्हें कमजोरी महसूस हो रही है इसके बाद से अब तक अस्पताल में ही भर्ती है।
मृतक राजकुमार ने जब 5 महीने पहले सितंबर 2023 को आरोपी लड़के के खिलाफ अपनी लड़की को भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने की शिकायत की थी, उस वक्त भी लड़की ने अपने प्रेमी का साथ दिया था। अक्टूबर 2023 को लड़की अपने प्रेमी को बचाने के लिए आपने पिता के खिलाफ ही बयान दिए थे, लड़की ने कोर्ट में गवाही दी थी कि वह आरोपी मुकुल के साथ जबरदस्ती नहीं बल्कि अपनी सहमति से घर से भागी थी। यही नहीं उसका यह भी कहना है कि उसने आरोपी के साथ अपनी सहमति और रजामंदी के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे, लड़की के इसी बयान के आधार पर हाईकोर्ट ने 50 हज़ार के निजी मुचलके पर इस बाप बेटे के हत्यारे को उस वक्त जमानत दे दी थी।
आरोपी मुकुल सिंह के घर में पिता, माता एक भाई और एक बहन है पिता रेलवे में सेफ्टी ऑफिसर है, जबकि मां हाउसवाइफ है। वहीं आरोपी की बहन बीडीएस डॉक्टर है जबकि बड़ा भाई ग्रेजुएट पूरी कर जब की तलाश कर रहा था। आरोपी मुकूल 12वीं तक पढ़ाई की थी, जिसे परिवार ने बीच में पढ़ाई के लिए बाहर विशाखापट्टनम भेजा था, लेकिन उसका मन वहां भी नहीं लगा और वो पढाई बीच में ही छोड़कर जबलपुर लौट आया।




















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