न्यूज डेस्क/जबलपुर। महाकौशल की सबसे लोकप्रिय और बड़ी सीट जबलपुर लोकसभा सीट पर भले ही कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी दिनेश यादव के रूप में बड़े ही सोच समझ कर उतारा हो, लेकिन अब यहां पर सियासी खींचतान शुरू हो गई है। बुधवार को फॉर्म दाखिल करने के बाद मीडिया से चर्चा के दौरान पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया से पूछा गया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव तो जबलपुर लोकसभा सीट 5 लाख वोटो से जीतने का दावा कर रहे हैं। इस पर पलटवार करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि क्या जबलपुर लोकसभा सीट हारने के बाद मुख्यमंत्री अपने पद से इस्तीफ़ा देंगे। कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में दिनेश यादव का नाम सामने आने के बाद भाजपा को भी हारने का एहसास होने लगा है।वही मीडिया कर्मियों द्वारा छिंदवाड़ा सीट पर हार-जीत की स्थिति में श्रेय लेने की बात पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया ने कहा कि जो हारता है वह जिम्मेदारी लेता है,और जो जीतता है उसे श्रेय भी मिलता है । पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया ने कहा कि हम वो लोग हैं, जिन्होंने अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी। इसलिए हम इन नामुरादों से डरते नहीं है। उन्होंने कहा कि ना हम जीत पर इतराते हैं, और ना ही हार पर इतराते हैं।
वहीं पूर्व विधायक निलेश अवस्थी के भाजपा में जाने की अटकलें पर मंत्री श्री घनघोरिया ने कहा कि स्थिति सामने आने पर ही कुछ कहा जा सकता है। इससे पहले जो कांग्रेस पार्टी छोड़कर गए हैं, वे कितने गज के थे सबको पता है।आखिर में उन्होंने कहा की जरूरत के मुताबिक दुआ बदलते हैं, ऐसे लोग जो खुद नहीं बदले वो खुदा बदलते हैं। नामांकन रैली में पहुंचे राज्यसभा सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता विवेक तंखा ने कहा कि देश में प्रजातंत्र को बचाने जनता को अब विपक्ष पार्टी के साथ खड़ा होना होगा। उन्होंने कहा कि देश में इमरजेंसी के दौरान एक ऐसा समय था जब प्रजातंत्र चुप था, लेकिन बाद में उन्होंने जनतंत्र में अपनी शक्ति दिखाई थी। तत्कालीन सरकार पर निशाना साधते हुए राज्यसभा विवेक तंखा ने कहा कि आप कितनी भी कोशिश कर ले भारत कभी कांग्रेस मुक्त नहीं हो सकता।




















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