न्यूज डेस्क/भोपाल। भोपाल संभाग के विदिशा जिला स्थित मत्स्योदय विभाग के सहायक संचालक संतोष कुमार (एसके) दुबे को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा है। आरोपी सहायक संचालक ने क्षेत्र के एक मछली बेचने वाले को प्रधानमंत्री मत्स्य योजना के अंतर्गत एक लाख 80 हजार रुपए की अनुदान राशि दिलाने के लिए रिश्वत मांगी थी।लोकायुक्त कार्यालय से बताया गया है कि गत 23 फरवरी को लोकायुक्त भोपाल संभाग के पुलिस अधीक्षक मनु व्यास के सामने गंज बासौदा के फ्रीगंज मोहल्ला निवासी हरिराम रैकवार पेश हुआ। हरिराम ने आवेदन दिया और शिकायत करते हुए बताया कि वह और उसके परिवार के सदस्य मछली बेचने का काम करते हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य योजना के अंतर्गत शासन द्वारा मछली विक्रेताओं को अनुदान राशि दी जाती है। उसने अपनी पत्नी रानी बाई रैकवार के नाम से शासन की योजना के अनुसार लोडिंग ऑटो खरीदकर उसकी रसीद सहित सहायता राशि लेने आवेदन दिया है। उक्त आवेदन देने के बाद वह मत्स्योदय विभाग विदिशा के सहायक संचालक संतोष दुबे से मिला था। तब उनके द्वारा शासन की योजना अंतर्गत मिलने वाली कुल राशि एक लाख 80 हजार रुपए में से 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई।पुलिस अधीक्षक व्यास के निर्देश पर उक्त शिकायत का सत्यापन किया गया। लोकायुक्त ने सत्यापन में शिकायत आवेदन में उल्लेखित तथ्य सही पाए। इसके बाद भ्रष्टाचार को खत्म करने की मंशा से लोकायुक्त टीम ने 04 मार्च को अनावेदक संतोष दुबे सहायक संचालक मत्स्योदय विभाग विदिशा को हरिराम रैकवार से 50 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। लोकायुक्त निरीक्षक नीलम पटवा की टीम द्वारा रिश्वतखोर अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है।
यह रहे टीम में शामिल
लोकायुक्त टीम में कलेक्टर कार्यालय से उपलब्ध कराए गए अधिकारियों के अतिरिक्त टीआई घनश्याम मर्सकोले, हेड कांस्टेबल राजेंद्र, नेहा, आरडी कुर्मी, मुकेश और कांस्टेबल बृज बिहारी पाण्डेय शामिल रहे।




















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