डिजिटल डेस्क न्यूज़। सेहत से जुड़ी बात करें, तो विटामिन B12 का सेहत में बहुत बड़ा प्रभाव होता है। इसे नजरअंदाज करना अपने आप को मौत के मुंह में धकेलना जैसा होता है। यहां बता दें, कुछ लोगों को अक्सर बेवजह थकान, भूलने की आदत या हाथ-पैरों में झुनझुनी महसूस होती है। इन लक्षणों को लोग मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि ये शरीर में विटामिन B12 की कमी के संकेत हो सकते हैं।

विटामिन B12 (कोबालामिन) एक पानी में घुलनशील विटामिन है, जो शरीर में रेड ब्लड सेल्स बनाने, नर्वस सिस्टम को हेल्दी रखने और ब्रेन फंक्शन को सपोर्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी से शरीर धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है।
विटामिन B12 की कमी के लक्षण धीरे-धीरे दिखते हैं, इसलिए लोग इसे तनाव या उम्र का असर मान लेते हैं। लेकिन समय पर ध्यान न देने पर यह न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम्स और पर्निशियस एनीमिया (ऑटोइम्यून बीमारी) जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।
पिछले कुछ सालों में ये समस्या तेजी से बढ़ी है। ‘द इजिप्शियन जर्नल ऑफ इंटरनल मेडिसिन’ में साल 2022 में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, भारत में करीब 75% लोग यानी लगभग 65 करोड़ से अधिक आबादी विटामिन B12 की कमी से जूझ रही है। हालांकि अगर समय रहते पहचान हो जाए तो यह कमी आसानी से पूरी की जा सकती है।
विटामिन B12 एक बेहद जरूरी पोषक तत्व है, जो स्वाभाविक रूप से शरीर में नहीं बनता है। इसे भोजन या सप्लीमेंट्स के जरिए लेना पड़ता है। इसका मुख्य काम भोजन को एनर्जी में बदलना है। यह शरीर में रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में मदद करता है, जिससे ऑक्सीजन का संचार सही बना रहता है।
इसके अलावा यह नर्वस सिस्टम और ब्रेन फंक्शन को सपोर्ट करता है। विटामिन B12 DNA में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे नई कोशिकाओं का निर्माण और शरीर की रिकवरी प्रक्रिया बेहतर होती है।
ध्यान रखें सेहत से जुड़ी इस खबर पर अध्ययन अध्यापन के बाद ही जानकारी के आधार पर है, लेकिन डॉक्टर से उचित परामर्श के बाद ही कुछ इस्तेमाल करें।




















Discussion about this post