न्यूज़ डेस्क/ सेहत मिरर। धर्म शास्त्र आयुर्वेद और विज्ञान के अनुसार शंखनाद से सकारात्मक ऊर्जा की उत्पत्ति तो होती ही है। इससे आत्मबल में भी वृद्धि होती है। इसके जानकारों की मानें तो शंख में प्राकृतिक कैल्शियम, गंधक और फास्फोरस की भरपूर मात्रा होती है। शंख से मुख के तमाम रोगों का नाश होता है। यदि फेफड़ों को तंदुरुस्त रखना चाहते हैं तो शंख बजाना आपके लिए आसान तरीका हो सकता है। इसके अलावा कई तरह के रोगों का खात्मा कर रोगमुक्त रखने में सहायक होता है।
यह हैं कुछ मुख्य लाभ
1. फेफड़ों के रोग को खत्म करता है
शंख बजाने से चेहरे, श्वसन प्रणाली, श्रवण तंत्र तथा फेफड़ों की बहुत बढ़िया एक्सरसाइज हो जाती है। इसके अलावा जिन लोगों को सांस संबधी समस्याएं है, उन्हें अवश्य ही शंख बजाना चाहिए। आयुर्वेद में ऐसा कहा जाता है कि हर रोज शंख बजाने वाले व्यक्ति के गले और फेफड़ें खराब नहीं होते है, साथ ही इससे स्मरण शक्ति भी तीव्र होती है।
2. हड्डियों को मजबूत करता है
शंख में कैल्शियम, गंधक और फास्फोरस काफी अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। यदि शंख में भरे हुए पानी का सेवन किया जाए तो इससे हड्डियां मजबूत होती है, साथ ही इससे दांतो को भी फायदा मिलता है।
3. हार्ट-अटैक से बचाता है
शंख की आवाज हृदय रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होती है। ऐसा बताया जाता है कि लगातार शंख की आवाज सुनने से हार्ट-अटैक की संभावना कम हो जाती है।
4. गुदा और प्रोस्टेट की रक्षा करता है
शंख बजाने का हमारे गुदा और प्रोस्टेट सिस्टम पर सीधा असर पड़ता है। रेगुलर शंख बजाने से गुदा की मासपेशिया मजबूत होती है और पाइल्स से छुटकारा मिल जाता है। साथ ही पुरुषों को प्रोस्टेट संबंधी बीमारियों में भी कमी आ जाती है।
5. स्किन प्रॉब्लम से मिलता है छुटकारा
स्किन प्रॉब्लम जैसे एलर्जी, रैशेज, सफेद दाग के लिए शंख का पानी काफी असरदार होता है। रातभर शंख में भरे पानी से मुंह साफ करने पर इन सभी स्किन समस्याओं से निजात मिल जाता है।



















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