– यदि नाखूनों का रंग तेजी से शिकायत हो रहा है,तो सतर्क हो जाएं
– संकेत मिलते ही चिकित्सा परामर्श लें और सावधान रहें
डिजिटल डेस्क न्यूज़/लाइफस्टाइल।
मानव शरीर में खूबसूरती का प्रदर्शन करने के लिए चेहरे के अलावा भी बहुत कुछ है। इसमें नाखून सबसे प्रमुख है, जो सामने से ही व्यक्ति के व्यक्तित्व का प्रदर्शन करते हैं इसलिए अक्सर लोग इन्हें साफ- सुथरा रखने का ज्यादातर प्रयास करते हैं महिलाओं तो इन्हें अलग-अलग नेल पॉलिश से कलर भी करती हैं। लेकिन आज हम यहां आपको नाखूनों की सेहत से जुड़ी बातें बताने जा रहे हैं। बता दें कि अक्सर आयरन की कमी या एनीमिया की स्थिति में भी नाखूनों का रंग फीका या सफेद नजर आने लगता है। अगर आपको थकान, चक्कर और सांस फूलने जैसी शिकायत भी हो रही है, तो तुरंत खून की जांच कराएं।
किडनी का भी है कनेक्शन
किडनी जब सही से काम नहीं करती, तो शरीर से टॉक्सिन्स नहीं निकल पाते। इससे नाखूनों का रंग सफेद पड़ सकता है। खासतौर पर क्रोनिक किडनी डिजीज में यह लक्षण नजर आता है।
डायबिटीज के भी संकेत मिलते हैं
यहां बता दें कि डायबिटीज के चलते भी नाखूनों में बदलाव आने लगते हैं। शरीर में पोषण की कमी सीधे नाखूनों पर असर डालती है।
फंगल इंफेक्शन या कोई चोट
यदि नाखून का कुछ हिस्सा ही सफेद हो रहा है, तो हो सकता है कि वहां फंगल इंफेक्शन हो या पहले कभी चोट लगी हो। ऐसी स्थिति में नाखून की बनावट भी बदल सकती है।
जानिए, लक्षण दिखने पर क्या करें, क्या ध्यान रखें
यदि नाखूनों में सफेदपन लंबे समय तक बना रहता है या बढ़ता जा रहा है तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। एनीमिया, लिवर फंक्शन और किडनी फंक्शन की जांच ज़रूरी है।पोषण युक्त आहार लें- आयरन, प्रोटीन और विटामिन्स से भरपूर डाइट लें।हाइजीन का ध्यान रखें- फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए नाखूनों को साफ रखें और गीले हाथों में देर तक न रहें।नाखूनों के रंग में बदलाव एक अलार्म की तरह है जिसे नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है। ये शरीर की अंदरूनी सेहत को बाहर दिखाने का काम करते हैं।




















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