अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने अपने कड़क अंदाज में उजागर किया कि कैसे नगरीय निकायों में जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा था।
नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।कचरा गाड़ियों से लेकर डस्टबिन और बल्बों में बड़ा खेल
डिजीटल डेस्क न्यूज़। मध्य प्रदेश की राजधानी में इन दिनों एक बड़े प्रशासनिक अधिकारी के कार्यक्रम के दौरान वायरल वीडियो के बाद से सियासत में भूचाल आ गया है। दरअसल, इस वायरल वीडियो के बाद से सीधे भ्रष्टाचार पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल उठना और अब चर्चा होना इसलिए भी बड़ा हो गया है क्योंकि सवाल किसी आम प्रशासनिक अधिकारी ने नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के एक बड़े और जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारी ने उठाए हैं।
इसके बाद से मध्य प्रदेश की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों केवल एक ही नाम की चर्चा है संजय दुबे, 1993 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्होंने नगरीय निकायों में चल रही करोड़ों रुपये की कथित धांधली और भ्रष्टाचार का ऐसा कच्चा-चिट्ठा खोला है, जिसने पूरी व्यवस्था की नींव हिला दी है।
अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने अपने कड़क अंदाज में उजागर किया कि कैसे नगरीय निकायों में जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा था।
अफसर ने यह खुलासा किया
कचरा गाड़ियां: तय और वाजिब दरों से कई गुना अधिक दामों पर खरीदी गईं।
फिनायल और बल्ब टेंडर: फिनायल और लाइट/बल्बों की खरीदी में बड़े पैमाने पर टेंडर का खेल खेला गया।
संजय दुबे के इस सख्त और बेबाक रुख से न केवल भ्रष्ट तंत्र में हड़कंप मचा है, बल्कि मध्य प्रदेश के राजनीतिक हलकों में भी खलबली मच गई है। हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि आखिर कौन हैं यह अफसर, जो दबाव के बावजूद भ्रष्टाचार पर सीधा प्रहार करने से नहीं हिचकिचा रहे। इनके इस अंदाज की अब हर तरफ चर्चा हो रही है।
392 अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई : वित्तीय अनियमितताओं पर कार्रवाई में लगभग 135 मुख्य नगरपालिका अधिकारी भी शामिल हैं। अब तक 7 अधिकारी बर्खास्त, लगभग ₹3–4 करोड़ की वसूली और 80 से अधिक ठेकेदारों व सप्लायर्स पर कार्रवाई की गई है।
तकनीक और AI से निगरानी जारी है। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है—जनता के पैसे का पारदर्शी उपयोग और नागरिकों तक उसका पूरा लाभ।
श्री संजय दुबे, ACS, नगरीय प्रशासन विभाग



















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